टीजीएमओ और यातायात कंपनी के संचालक मंडल की बैठक में नहीं बनी आम सहमति।

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संवादसूत्र देहरादून/ऋषिकेश: पिछले चार दशक से चार धाम यात्रा का संचालन कर रही संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के गठन को लेकर प्रमुख परिवहन कंपनियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। रोटेशन के गठन को लेकर संशय बरकरार है। प्रमुख परिवहन कंपनी टिहरी गढ़वाल मोटर कारपोरेशन और यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड संचालक मंडल की बैठक में रोटेशन के मुद्दे पर आम राय नहीं बन पाई। यातायात कंपनी से जुड़े मोटर मालिकों की बैठक 31 मार्च को बुलाई गई है। बस मालिकों की राय लेने के बाद ही रोटेशन के गठन पर स्थिति साफ हो पाएगी।
चार धाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बीती 28 फरवरी को आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार ने सभी प्रमुख विभागों, पुलिस पर प्रशासन के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें परिवहन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि वह समय सीमा के भीतर रोटेशन का गठन कर ले और यात्रा में संचालित होने वाली बसों की सूची तैयार कर लें। इस मामले में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने बीते दिनों परिवहन कंपनियों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। जिसमें रोटेशन के गठन को लेकर कंपनियों के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। इनका कहना था कि कांटेक्ट कर इसके अंतर्गत आने वाली इनोवा और टेंपो ट्रेवल वाहनों को भी रोटेशन की परिधि में शामिल किया जाए। इस मामले को बोर्ड की बैठक में ले जाने की बात कंपनी की ओर से कही गई थी।
मंगलवार को देहरादून रोड स्थित यातायात परिवहन कंपनी के मुख्यालय में टीजीएमओ पर यातायात कंपनी बोर्ड संचालक मंडल की बैठक बुलाई गई। बैठक में अधिसंख्य संचालकों का कहना था कि बसों का संचालन करना वर्तमान में काफी कठिन हो गया है। दो साल से गाड़ियां खड़ी हैं। जिन्हें फिर से तैयार करने में काफी खर्चा आ रहा है। रोटेशन से बाहर चलने वाले वाहनों के कारण बसों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए बसों का संचालन रोटेशन के तहत ना किया जाए तो बेहतर होगा। यातायात कंपनी के अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने बताया कि 31 मार्च को कंपनी के तहत चलने वाली सभी बसों के मालिकों की बैठक बुलाकर उनकी भी राय जान ली जाएगी, उसके बाद ही कोई फैसला होगा।
बैठक में टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी, उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात पर्यटन एवं विकास सहकारी संघ लिमिटेड के उपाध्यक्ष नवीन रमोला, विश्वनाथ सेवा के अध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, बलबीर सिंह रौतेला, गजपाल सिंह रावत, मनोहर रौतेला, दयाल सिंह पयाल, दाताराम रतूड़ी, देवेश उनियाल, भोला दत्त जोशी, रामचंद्र सुयाल, जयपाल रौतेला रघुवीर सिंह रावत, हरीश नौटियाल आदि मौजूद रहे।