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ठंड में पहली बार फटा हिम ग्लेशियर, वैज्ञानिक हैरान —-

उत्तराखंडः चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद पानी का बहाव अब नंदप्रयाग पहुंच गया है। राहत की बात यह है कि नंदप्रयाग पहुंचते-पहुंचते पानी का बहाव तकरीबन सामान्य हो गया है। बता दें कि नंदप्रयाग डैम से 110 किमी दूर है।

प्रदेश के चमोली जिले में अचानक ग्लेशियर फट जाने से सभी हतप्रभ हैं। प्रशासन ने आनन फानन में राहत बचाव कार्य जारी कर दिया है। ग्लेशियर फटने से न सिर्फ धौली गंगा, ऋषि गंगा में भीषण बाढ़ से तबाही मच गई बल्कि तपोवन हाइड्रो प्रोजेक्ट भी पूरी तरह से तबाह हो गया। इसके मलबे में कई लोगों के दबने की सूचना है। हालांकि SDRF और ITBP की टीमों सहित स्थानीय प्रशासन राहत बचाव में जुटा हुआ है।

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इस ग्लेशियर फटने से जहां लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं वैज्ञानिक और भी अधिक हैरान नजर आ रहे हैं। इसकी पीछे ठंड के मौसम में इस हैरतअंगेज घटना का होना है। वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ हिमालयन ज्योलॉजी के वैज्ञानिकों का दावा है कि, ठंड के मौसम में पहली बार कोई ग्लेशियर टूटा है, जो कि हैरान करने वाला है। हालांकि अभी तक ग्लेशियर फटने की वजह साफ़ नहीं हो सकी है। वैज्ञानिक प्रथम दृष्टया जमीन के नीचे टकराव होने से ऐसा होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
चमोली जनपद स्थित पैंगघाटी में हिम ग्लेशियर फटने से सबसे पहले तो धौली गंगा में जल-प्रलय आ गया। इसके बाद ऋषि गंगा और तपोवन हाइड्रो प्रोजेक्स्ट ध्वस्त हो जाने के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता गया। और देखते ही देखते तबाही का मंजर बन गया। THDC ने नदी में पानी का बहाव कम करने के लिए टिहरी बांध से पानी छोडना भी बंद कर दिया है।

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मिल रही सूचना के अनुसार, NDRF, ITBP के अलावा तीन अतिरिक्त टीमें शाम तक वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से वहां पहुंचेंगी। SDRF और स्थानीय प्रशासन पहले से ही मौके पर मौजूद है। इस भीषण तबाही में अभी तक की सूचना के अनुसार 100-150 लोगों की मौत की सूचना है।
चमोली के तपोवन इलाके में एनटीपीसी साइट से तीन शव बरामद हुए:

ITBP के जवान तपोवन सुरंग को खोलने के लिए खुदाई कर रहे हैं जो मलबे के कारण पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है। सुरंग में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।

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SDRF की 05 टीमो को घटनास्थल को रवाना किया गया।

शेष सभी टीमों को अलर्ट किया गया है

सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म से लोगों से नदी किनारे से हटने की सूचना लगातार प्रेषित की जा रही है

रेस्कयू हेतु हेलीकॉप्टर की सहायता भी ली जा रही है

किसी भी प्रकार की सहायता के लिए निम्न नम्बरो पर कॉल करें—

+91135 2410197
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उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने के बाद मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 या 9557444486 जारी किए गए।

उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने के बाद हुए हादसे की पीएम मोदी ने समीक्षा की और के सीएम से बातचीत की।

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