चम्पावत उपचुनाव : सीएम धामी की ऐतिहासिक जीत,सभी प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त।

ख़बर शेयर कर सपोर्ट करें


संवादसूत्र देहरादून/चम्पावत : मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद अब तक के हुए पांच उपचुनावों में चम्पावत की जनता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रचंड बहुमत से जिताया है। बंपर वोटों से चुनाव जीते धामी के सामने कांग्रेस सहित सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। यहां 61, 595 लोगों ने मतदान किया था। इसमें से सीएम पुष्कर सिंह धामी को 57, 268 व कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी को 3, 147 मत मिले। धामी के लिए चम्पावत की सीट भाजपा विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने छोड़ी थी।
उत्तराखंड अलग प्रदेश बनने के बाद पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2002 में हुआ। इसमें जनता ने कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचाया। तब कांग्रेस को 36 सीटें मिलीं और भाजपा को 29। गुटबाजी को देखते हुए हाईकमान ने कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी को प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। इसके बाद नारायण दत्त तिवारी ने रामनगर सीट से उपचुनाव लड़ा। उनके लिए कांग्रेस के विधायक योगंबर सिंह ने सीट छोड़ी। नारायण दत्त तिवारी 32913 मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी राम सिंह बिष्ट को 9693 मत से संतोष करना पड़ा।

और पढ़ें  "संस्कृति शिक्षा एवं नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में स्वामी विवेकानंद के विचारों और दर्शन की प्रासंगिकता " विषय पर आयोजित एक दिवसीय वेबिनार सम्पन्न।

इसके बाद 2007 के चुनाव में जनता ने किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं दिया। भाजपा बहुमत से मात्र एक सीट पीछे रह गई। भाजपा को 35 सीट व कांग्रेस को 21 सीटें ही मिलीं। भाजपा ने सरकार बनाने का दावा किया। मुख्यमंत्री पर विधायकों में एकमत नहीं होने पर पार्टी ने भुवन चंद खंडूड़ी को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने धुमाकोट विधानसभा से उपचुनाव लड़ा। तब उनके लिए धूमाकोट विधानसभा से सीट खाली करने वाले कांग्रेस के विधायक टीपीएस रावत थे। भुवन चंद्र खंडूड़ी 14 हजार से भी अधिक मतों से जीतने में सफल रहे।

और पढ़ें  मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ 2021 का शुभारंभ।

2012 के विधानसभा चुनाव का जनादेश अस्पष्ट रहा। कांग्रेस को 32 तो भाजपा को एक कम 31 सीट मिली। तब कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा किया। निर्दलीय, क्षेत्रीय दल व बसपा के समर्थन से कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाया। मिलीजुली सरकार में कांग्रेस हाईकमान ने विजय बहुगुणा को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। उन्होंने सितारगंज विधानसभा से उपचुनाव लड़ा। उनके लिए भाजपा विधायक किरण मंडल ने सीट छोड़ी थी। उपचुनाव में सितारगंज की जनता ने विजय बहुगुणा को सिर आंखों पर बिठाया। उन्हें 53766 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रकाश पंत को 13800 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। मिलीजुली सरकार के मुखिया दो साल ही गद्दी संभाल पाए। वर्ष 2014 में कांग्रेस हाईकमान ने विजय बहुगुणा को हटाकर हरीश रावत को प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। उपचुनाव में हरीश रावत 20 हजार मतों से जीत दर्ज कर प्रदेश की बागडोर संभाले।

और पढ़ें  प्रदेश के कृषको के लिए उत्पादित कृषि उपज के विपणन हेतु एक ठोस कार्य योजना तैयार की जाएगी: सचिव कृषि।

2002 :- रामनगर उपचुनाव
नारायण दत्त तिवारी- 32913
राम सिंह बिष्ट 9693
कुल मतदान- 49210

2007 :धुमाकोट उपचुनाव 2007—
भुवन चंद्र खंडूड़ी- 22807
सुरेंद्र सिंह नेगी- 8537
मनीष सुंदरियाल-848
कुल मतदान- 32277

2012 : सितारगंज
विजय बहुगुणा- 53766
प्रकाश पंत- 13812
दीवान सिंह बिष्ट- उपपा- 668
अयोध्या प्रसाद- 218
परमजीत सिंह- 436
सरताज अली- 793
कुल मतदान- 69695

2014 : धारचूला 2014——
हरीश रावत- 31214
विष्णु दत्त- 10610
नोटा- 1028
कुल मतदान- 42852

2022 : चम्पावत उपचुनाव

पुष्कर सिंह धामी : 57268
निर्मला गहतोड़ी : 3147
सपा : 409
हिमांशु गडकोटी : – 399
नोटा :-372
कुल मतदान- 61595

Leave a Reply

Your email address will not be published.