जल नल योजना की निर्माण शैली पर जनाक्रोश।

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संवादसूत्र देहरादून/यमकेश्वर: जल नल योजना की घटिया निर्माण शैली को लेकर जन हित के मुद्दों पर बेवाक रहने वाले जन समस्याओं एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर संघर्ष शील पूर्व सैनिक एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य सुदेश भट्ट ने बताया कि सरकार द्वारा इस ऐतिहासिक व स्वर्णिम योजना को लेकर पहाड के ग्रामीणों मे एक आस जगी थी क्षेत्र पंचायत बूंगा द्वारा जब आज कार्य स्थल पर पहुंचकर क्षेत्र मे चल रहे विकास कार्यों का ओचक निरिक्षण किया गया, तो जल नल योजना की घटिया निर्माण शैली खुलकर सामने आई मानकों के आधार पर पाईप लाईन डेड से ढाई फुट गहराई पर होने की जगह गांव के रास्तों पर या तो एकदम खुले मे बिछाकर छोड दी गयी या फिर औपचारिक रुप से एक दो इंच की मिट्टी मे दबा दिया गया जिसे क्षेत्र पंचायत ने प्रमाणित करते हुये निर्माण स्थल से विडियो जारी करते हुये बताया कि खुले मे पाईप छोडने से इसमे कभी भी पालतु पशुओं या आने जाने वाले ग्रामीणों का पैर कभी भी फंस सकता है जिस कारण ये पाईप लाईन बडी दुर्घटना को अंजाम दे रही है!

सुदेश भट्ट ने बताया कि यह कार्य एक प्रतिष्ठित संस्था के माध्यम से की जा रही है और इस संस्था से इस तरह की गुणवत्ता की उम्मीद नही थी !कार्य की गुणवत्ता को देखते हुये ग्रामीणों मे आक्रोश देखने को मिला, साथ ही संस्था की ओर से प्रति कनेक्शन 2600 की मांग की जा रही है क्षेत्र पंचायत सदस्य बूंगा ने बताया कि आम ग्रामीणों के लिये 2600 की रासी प्रदान करना संभव ही नही बल्कि बहुत मुश्किल है इसलिये असहाय एवं गरीब ग्रामीणों से 2600 की वसूली किस आधार पर व क्यों की जा रही है जबकि सरकार का कहना है कि प्रत्येक परिवार को निशुल्क पानी प्रदान करना उसकी पहली प्राथमिकता है !साथ ही योजना का विस्तारी करण बिना सर्वे किये किया जा रहा है जिसका ज्वलंत उदाहरण घटिया निर्माण शैली है! उन्होने विभागीय कर्मचारियों से जब ब्यौरा मांगा तो किसी से भी संतोष जनक जवाब नही मिला, जिससे स्पष्ट है कि कार्य मानकों के आधार पर नही किया जा रहा है!

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सुदेश भट्ट का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से जल संस्थान को इस कार्य को स्वयं पूर्ण करने एवं चल रहे कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है साथ ही क्षेत्र पंचायत बूंगा ने बताया कि इस तरह की घटिया निर्माण शैली से वो अत्यधिक स्तब्ध हैं, अब उनको अंदेशा है कि जल नल योजना के तहत जिन जिन गांवों मे कार्य किया जा चुका है वहां कि तस्वीरें भी बूंगा की तरह ही होंगी जिसके लिये अब क्षेत्र पंचायत बूंगा यमकेश्वर के गांव गांव पहुंचकर इस तरह की घटिया निर्माण शैली के खिलाफ स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र मे एक अभियान छेड़ने जा रहे हैं जिसके माध्यम से सरकारी धन के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।