हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज मामला: परिसरों में सीसीटीवी लगाएं, खराब कैमरे ठीक करें: हाई कोर्ट।

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संवादसूत्र देहरादून/ नैनीताल: हाई कोर्ट ने हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कालेज के 27 जूनियर छात्रों के बाल मुडवाकर रैगिंग किए जाने के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने मेडिकल कालेज प्रबंधन को कालेज के सभी परिसरों में सीसीटीवी लगाने व खराब कैमरे ठीक कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कालेज के प्रिंसिपल से पूछा है कि 18 मार्च को जिन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है वह किस आधार पर किया गया। एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश कर बताएं। अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की है। पूर्व में कोर्ट ने मामले की जांच को कमिश्नर व डीआइजी कुमाऊं की कमेटी गठित कर दो सप्ताह के भीतर जांच कर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।

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बुधवार को कमेटी ने हाई कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश कर बताया कि जो शिकायतें थी वे सही पाई गई।कालेज परिसर में सीसीटीवी नहीं लगे है। जो लगे हैं वे खराब हैं।मामले में प्रिंसिपल ने 18 मार्च को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।

यह थी याचिका
हरिद्वार निवासी सचिदानंद डबराल ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कालेज में 27 छात्रों का सिर मुडवाकर उनके साथ रैगिंग की गई। उनके पीछे एक सुरक्षा गार्ड भी चल रहा है। कालेज प्रबंधन का कहना है कि उसके पास रैगिंग की कोई शिकायत नहीं आई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से बताया गया था रैगिंग करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के विरुद्ध है। समाचार पत्रों में छपी खबरों व वायरल वीडियो में पता लगा कि ये सभी छात्र एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं। प्रथम वर्ष के सभी छात्रों को बाल कटवाने के निर्देश इनके सीनियर छात्रों ने दिए हैं। जहां तक छात्रों के बाल काटने का मामला है, कालेज की तरफ से कहा जा रहा है कि छात्रों के सिर में डेंड्रफ व जुएं पड़ गए थे, इसलिए इनके बाल मुडवा दिए। वायरल वीडियो को कोर्ट में दिखाया गया था।

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