राज्य में सत्ता को लेकर होगी कड़ी टक्कर,सर्वे के अनुसार कांग्रेस और भाजपा में से ही कोई एक आएगा सत्ता में।

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संवादसूत्र दिल्ली/देहरादून: पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीख़ों का ऐलान अगले महीने जनवरी में होगा, उससे पहले एबीपी सी वोटर ने सर्वे के ज़रिए राज्यों का मूड जानने की कोशिश की है। 13 नवंबर से 9 दिसंबर के बीच किए गए सर्वे के लिहाज़ से उत्तराखंड में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट शेयर का अंतर काफ़ी कम रह गया है।

साफ है स्थितियों में बदलाव थोड़ा और दिखाई दे सकता है जब चुनाव पूरी तरीके से खुल जाए जी हां नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेतृत्व की प्रदेश में रैली आयोजित हो रही है उसके बाद जनवरी में क्या माहौल बनता है यह भी देखना दिलचस्प होगा लेकिन अभी तो कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे के आमने सामने खड़े हैं हरीश रावत मुख्यमंत्री के रूप में पहली पसंद है तो अभी सरकार के रूप में बीजेपी की पहली पसंद है लेकिन आने वाले 2 महीनों में क्या आंकड़ा बदल जाता है यह भी देखना दिलचस्प होगा,लेकिन यह भी कहना सही है अब उत्तराखंड में भाजपा के पक्ष में पहले जैसी लहर का माहौल नहीं दिख रहा है। भाजपा को जहाँ 40 फ़ीसदी वोट मिलते दिख रहे वहीं कांग्रेस को 36 फ़ीसदी वोट मिल रहे हैं। जबकि 13 फ़ीसदी वोट AAP और 11 फ़ीसदी अन्य के खाते में जाते दिख रहे हैं। ज़ाहिर है मुख्य विपक्षी कांग्रेस के मुक़ाबले घटता वोट शेयर भाजपा नेतृत्व के लिए चिन्ता का सबब हो सकता है।

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अगर 70 सीटों के लिहाज़ से इस सर्वे के संकेत देखें तो बीजेपी को नवंबर में मिलती दिख रही 36-40 सीटों के
मुक़ाबले अब दिसंबर में 33-39 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही हैं। जबकि इस दौरान कांग्रेस को 30-34 सीटों के मुक़ाबले 29-35 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही हैं। जबकि AAP को 0-2 के मुक़ाबले इस महीने 1-3 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही हैं।
अब अगर जनता में अगले मुख्यमंत्री की पसंद की बात की जाए तो नवंबर में जहाँ पूर्व CM हरीश रावत को 31 फ़ीसदी लोग अगला मुख्यमंत्री देखना चाहते थे वह आँकड़ा अब 2 फ़ीसदी बढ़कर 33 फ़ीसदी हो गया है। जबकि अगले CM च्वाइस के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नवंबर के 28 फ़ीसदी से लुढ़ककर दिसंबर में 27 फ़ीसदी पर आ गए हैं।

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ख़ास बात यह है कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी अगले CM च्वाइस के रूप में लगातार तीसरे सबसे पसंदीदा चेहरे बने हुए हैं। पहले भी 18 फ़ीसदी लोग बलूनी को अगला CM देखना चाह रहे थे दिसंबर में भी यही आँकड़ा है।

आप के सीएम चेहरे कर्नल अजय कोठियाल को लगातार दूसरे महीने भी 9 फ़ीसदी लोग अगला सीएम देखना चाह रहे हैं। ख़ास बात यह है कि जहाँ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार लोगों के बीच पहुँचकर टीएसआर राज के गड्डे भरने की कोशिश कर रहे। पुलिस ग्रेड पे से लेकर कर्मचारी हितों से जुड़ी पेंडिंग माँगों के निपटारे और देवस्थानम बोर्ड भंग करने जैसे बड़े फ़ैसले ले रहे CM धामी की पीठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक थपथपा रहा लेकिन सर्वे के मुताबिक़ उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ने की बजाय घट रही है। जबकि सोशल मीडिया और प्रेस रिलीज़ पॉलिटिक्स के सहारे एक्टिव राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी अगले पसंदीदा सीएम चेहरे के तौर पर वहीं के वहीं जमे हुए हैं,अब देखना होगा भाजपा कॉरिडोर्स में सर्वे के इस समीकरण पर क्या राय निकलकर बाहर आती है,,

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