आर्थिक सहायता से वंचित रह गए सांस्कृतिक दलों एवं ढोल वादकों को जल्द मिलेगी प्रोत्साहना राशि।

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संवादसूत्र देहरादून: सचिव, संस्कृति हरिचन्द्र सेमवाल द्वारा सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में (COVID-19) के कारण सार्वजनिक एवं राजकीय मेलों एवं निजी क्षेत्र के कार्यक्रम आयोजित न होने के कारण आर्थिक क्षति झेल रहे संस्कृति विभाग, उत्तराखण्ड में सूचीबद्ध सांस्कृतिक दलों, एकल लोक गायकों तथा ढोल वादकों को मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत रू0 2000/- प्रतिमाह दी जा रही प्रोत्साहन धनराशि की समीक्षा की गयी।
उन्होंने निर्देश दिये कि कलाकारों के विवरण प्राप्त करने हेतु एक अलग से विभागीय ई-मेल आई०डी० तैयार कर दी जाय इसके अतिरिक्त कलाकारों से विवरण प्राप्त करने हेतु तत्काल विज्ञप्ति प्रकाशित की जाय, जिसमें सांस्कृतिक दल को वैध पंजीयन प्रमाण पत्र न होने की दशा में सांस्कृतिक दल द्वारा नवीनीकरण के लिये कोषागार में जो आवेदन किया हो उसकी रसीद की प्रति प्राप्त कर ली जाय।
सचिव, संस्कृति ने यह भी निर्देश दिये कि जिला प्रशासन से भी ढोल वादकों के नाम प्राप्त कर लिये जायं तथा जिन कलाकारों को संस्कृति विभाग द्वारा पेंशन प्रदान की जा रही है, तथा जिन कलाकारों के आधार कार्ड प्रदेश के बाहर के हो उनके आवेदन स्वीकार न किये जाये। उन्होंने इस सम्बन्ध की जाने वाली कार्यवाही मिशन मोड में सम्पादित करने के भी निर्देश दिये।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध जिन सांस्कृतिक दलों एवं ढोल वादकों द्वारा औपचारिताएं पूर्ण कर ली गयी हैं उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है तथा जिन सांस्कृतिक दलों एवं ढोल वादकों के प्रपत्र प्राप्त नहीं हो पाये हैं उन्हें प्राप्त किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

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