उत्तराखण्ड
2 मई को केदारनाथ और 4 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट।


संवादसूत्र देहरादून: महाशिवरात्रि के अवसर पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई। आचार्य द्वारा पंचांग गणना के अनुसार मंदिर के कपाट खुलने की तिथि व समय घोषित किया गया।
उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के कपाट दो मई को फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि बद्रीनाथ धाम 4 मई को खुलेगा, जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री धाम 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे।

थपलियाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद धर्माचार्य वेदपाठियों ने पंचाग गणना कर केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाने का मुहूर्त निकाला।
शीतकाल में करीब छह माह बंद रहने के बाद अब मंदिर के कपाट दो मई, शुक्रवार को मिथुन राशि और वृष लग्न में सुबह सात बजे खोले जाएंगे।
इसके लिए केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग भी ऊखीमठ पहुंच गए थे। पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग और गंगाधर लिंग ने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह छह बजे से पूजा-अर्चना शुरू हुई। बाबा केदार को बाल भोग, महाभोग लगाते हुए आरती की गई। इसके उपरांत रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में श्री केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खोले जाने की तिथि घोषित की गई।

