नॉर्वे तथा भारत को शिक्षा, टेक्नोलॉजी, विज्ञान तथा अनुसंधान के क्षेत्र में अनुभवों को सांझा करने चाहिए: राज्यपाल।

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संवादसूत्र देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज राजभवन में नॉर्वे के राजदूत हैनस जैकब फ्राइडिनलुंड ने मुलाकात की।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजदूत हैनस जैकब फ्राइडिनलुंड से उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, शोध कार्यों तथा विश्वविद्यालयों की राज्य की प्रगति में योगदान पर विस्तृत चर्चा की। राज्यपाल तथा नॉर्वे के राजदूत के मध्य उत्तराखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटाइजेशन, कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी तथा टेक्नोलॉजी को अधिकाधिक प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि नॉर्वे अपनी उच्च कोटि की शिक्षा व्यवस्था के लिए विश्व में जाना जाता है। भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति, ज्ञान, विज्ञान तथा दर्शन भी श्रेष्ठ माने जाते हैं। नॉर्वे तथा भारत विशेषकर उत्तराखंड के शिक्षण संस्थान एक दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं ।इसके साथ ही दोनों देशों के विभिन्न संस्थानों के मध्य संबंधों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए।हमें एक दूसरे की बेस्ट प्रैक्टिसेज से सीखने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा, टेक्नोलॉजी, विज्ञान तथा अनुसंधान के क्षेत्र में अनुभवों को सांझा करने से सभी पक्षों को लाभ होगा।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि ) ने नॉर्वे के राजदूत से कहा कि उत्तराखंड राज्य अपनी सैन्य परंपराओं, समृद्धशाली आध्यात्मिक पृष्ठभूमि, उच्च कोटि के मानव संसाधन तथा नैसर्गिक सौंदर्य के कारण देश और दुनिया में अलग पहचान रखता है। उत्तराखंड के लोग अपनी प्रतिभा, ईमानदारी एवं परिश्रमी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।आने वाला दशक उत्तराखंड का माना जा रहा है। यह सांस्कृतिक रूप से एक समृद्ध राज्य है।भविष्य में उत्तराखंड टूरिज्म के साथ ही कल्चरल हब के रूप में उभरेगा।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ रंजीत कुमार सिन्हा भी उपस्थित थे।