शेरवुड कालेज के छात्र की मौत मामले में प्रधानाचार्य, वार्डन व सिस्टर दोषी करार।

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संवादसूत्र देहरादून/ नैनीताल: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल रमेश सिंह की कोर्ट ने नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कालेज में आठ साल पहले छात्र की मौत मामले में प्रधानाचार्य अमनदीप संधू, वार्डन रवि कुमार व सिस्टर पायल को लापरवाही का दोषी करार दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद तीनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया गया है। सजा लंच अवकाश के बाद सुनाई जाएगी।
अभियोजन के अनुसार शेरवुड कालेज में कक्षा नौ में अध्ययनरत शान प्रजापति 12 नवंबर 2014 को बीमार हो गया। उसकी हालत अधिक बिगड़ी तो हल्द्वानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया मगर रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में नेपाल निवासी शान की मां नीना श्रेष्ठ की ओर से प्रधानाचार्य समेत अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। अभियोजन अधिकारी देवेंद्र मुनगली की ओर से अपराध साबित करने को 15 गवाह पेश किए गए। गवाहों में शान का रूम पार्टनर छात्र, कालेज के चिकित्सक डा. डीपी गंगोला मुख्य थे। अभियोजन के अनुसार शान की तबियत आठ नवंबर से ही खराब हो गई थी लेकिन उसको अस्पताल नहीं ले जाया गया। स्कूल के डाक्टर ने बयान दिया कि उन्हें फोन पर दवा पूछी गई। जब हल्द्वानी ले गए तब उन्हें अधिक तबियत खराब होने की जानकारी मिली। कोर्ट ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद प्रधानाचार्य, हास्टल वार्डन व सिस्टर को आइपीसी की धारा 304 के तहत दोषी करार दिया है।