राज्य में चारधाम यात्रा बहाल होने से सरकार ने लिए कुछ फैसले,,जिससे पर्यटकों संग बढ़ेगा रोजगार।

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संवादसूत्र देहरादून: चार धाम यात्रा पर लगी रोक हटने के साथ ही राज्य में हवाई सेवा का लुत्फ अब ज्यादा लोग उठा सकेंगे। एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट की दर 20 फीसद से घटाकर एक फीसद करने से यह मुमिकन होगा। साथ में राज्य में पर्यटन व औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आ सकेगी।

उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने एटीएफ को लेकर केंद्र सरकार की तर्ज पर ही यह कदम उठाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के अंतर्गत एटीएफ पर वैट की दर एक फीसद लागू है। उत्तराखंड में यह दर 20 फीसद है। हवाई यात्राओं व इससे संबंधित कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एटीएफ की दर एक से चार फीसद के बीच प्रस्तावित की गईं है,

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सरकार ने वैट दर को न्यूनतम एक फीसद रखने पर ही मुहर लगाई है। हालांकि इस कवायद से राज्य को करीब 17 करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा। दरअसल राजस्व में यही कमी आने के बावजूद हवाई यात्रा बढऩे से पर्यटन व उद्योग क्षेत्र को इससे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हवाई यात्राओं का संचालन बढऩे से पर्यटन व्यवसाय, होटल व्यवसाय, टैक्सी कैब के साथ ही स्थानीय स्तर पर कारोबार बढ़ सकेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।देश के अन्य राज्यों केरल, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, मिजोरम व महाराष्ट्र ने भी एटीएफ में कर की दर को कम ही रखा हुआ है।

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इस वजह से इन राज्यों में हवाई यात्रा में वृद्धि हुई है। वित्त सचिव सौजन्या का कहना है कि मंत्रिमंडल एटीएफ पर वैट की दर एक फीसद करने का निर्णय ले चुका है। वैट का राजस्व भले ही कम हुआ हो, लेकिन इससे कारोबारी गतिविधियों में इजाफा होने का फायदा राज्य को मिलेगा।

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