योजनायें बनाते समय भाजपा सरकार के दृष्टि पत्र का संज्ञान अवश्य लें: महाराज।

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संवादसूत्र देहरादून: विभागीय अधिकारी योजनायें बनाते समय भाजपा सरकार के दृष्टि पत्र का संज्ञान अवश्य लें और बिना अनुमति के कोई भी कार्य ना करें। यदि कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के कार्य करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने उक्त बात शुक्रवार को उत्तराखंड सचिवालय स्थित विश्वकर्मा परिसर के सभागार में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित दिये कि योजना बनाते समय भाजपा के दृष्टि पत्र को अवश्य ध्यान में रखा जाए।उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना अनुमति के कोई भी अधिकारी कार्य ना करें। यदि कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के कार्य करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने समीक्षा बैठक में उच्च अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों कर्मचारियों के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में जो भी निर्णय लिए जाते हैं या निर्देश दिए जाते हैं उनका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। दैवीय आपदा के क्षतिग्रस्त मार्ग, पूलों एवं अन्य परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि मार्गो की स्वीकृति में फेज-1 तथा फेज-2 की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। क्योंकि इसके चलते मार्ग निर्माण में अत्यधिक विलंब हो रहा है। राज्य में सैकड़ों ऐसे मार्ग हैं जिनकी फेज-1 की स्वीकृति के पश्चात वर्षों बाद भी फेज-2 की स्वीकृति जारी नहीं हुई है। इस प्रकार फेज-1 की धनराशि व्यर्थ चली गई। उन्होंने कहा कि जिन प्रस्तावित मार्गों के निर्माण में वन भूमि नहीं आ रही है, उन मार्गों के निर्माण की एकमुश्त स्वीकृति जारी की जानी चाहिए ताकि उनका निर्माण जल्द से जल्द हो सके।

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महाराज ने कहा कि 15 जून तक मोटर मार्ग के किनारे नालियों का निर्माण हो जाना चाहिए और बरसात के बाद सड़क में बने गड्ढों को भरना भी तत्काल सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मोटर मार्गों के डामरीकरण हॉटमिक्स से किया जाए और डामरीकरण के कार्यों की गुणवत्ता को देखने के लिए कार्यस्थल पर तकनीकी अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

लोक निर्माण मंत्री महाराज ने कहा कि यात्रा को सुगम, सुरक्षित बनाने के साथ साथ तेल की बचत को ध्यान में रखते हुए सड़कों का एलाइनमेंट ठीक कर वैकल्पिक मार्ग दुरुस्त किया जाएं। उन्होंने संकरे रास्तों को चौड़ा करने के साथ-साथ जीर्ण क्षीर्ण निरीक्षण भवनों को सुधारने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। लोक निर्माण मंत्री ने यात्रा मार्गों पर जगह जगह संकेतक (Signage) लगाने के लिए भी कहा। उन्होंने निर्देश दिए थे जिन लोगों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है या बिलों का भुगतान लंबित है उनका भुगतान प्राथमिकता से किया जाए।

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बैठक में अपर सचिव सुमन सिंह वल्दिया, अतर सिंह, संयुक्त सचिव श्याम सिंह, अनु सचिव दिनेश कुमार पुनेठा, प्रमुख अभियंता प्रमोद कुमार, मुख्य अभियंता अशोक कुमार, संजीव कुमार गौतम, नवीन चन्द्र जोशी, जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी, रचना थपलियाल, अयाज़ अहमद, के.पी. उप्रेती, डी.के. यादव, सी.एम. पाण्डेय, अनिरुद्ध भण्डारी, राजेश कुमार, धीरेंद्र कुमार, एन.एस. खोलिया, इ.अरुण कुमार गोयल और मनोज बिष्ट सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।