चीन सीमा को जोडऩे वाला सोबला-दारमा मार्ग खुला।

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संवादसूत्र देहरादून/ धारचूला (पिथौरागढ़): चीन सीमा को जोडऩे वाला तवाघाट-सोबला-ढाकर मार्ग शुक्रवार को छह माह बाद यातायात के लिए खुल गया। इससे अग्रिम चौकियों पर तैनात सुरक्षा बलों के साथ ही सीमांत के दारमावासियों को भी बड़ी राहत मिली।
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला को चीन सीमा से जोडऩे के लिए सबसे पहले इसी मार्ग का निर्माण किया गया था। यह सामरिक रूप से अति महत्वपूर्ण है। इसे स्थानीय लोगों की जीवनरेखा भी कहते हैं। वर्ष 2021 में ग्रीष्मकालीन माइग्रेशन के दौरान अप्रैल में मार्ग खुला। लेकिन जैसे ही उच्च हिमालयी ग्रामीण गांवों में पहुंचे तो प्री मानसून बारिश से मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। जुलाई में भारी बारिश से कंज्योती में पुल बह गया। सोबला से आगे मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस बीच अक्टूबर में ही दारमा में भारी हिमपात के कारण ग्रामीण गांवों में ही फंस गए। इस कारण उन्हें हेलीकाप्टर से धारचूला लाना पड़ा। नवंबर में जैसे तैसे मार्ग खोला गया। ग्रामीणों के जानवर और वाहन निकाले गए। लेकिन चंद दिनों बाद फिर मार्ग बंद हो गया।
अब उच्च हिमालयी गांवों में रहने वालों के ग्रीष्मकालीन माइग्रेशन का समय आया है। 15 अप्रैल से 13 गांवों के ग्रामीणों का माइग्रेशन होना है। मार्ग बंद होने से ग्रामीण परेशान थे। जिला प्रशासन ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर शुक्रवार को मार्ग खोल दिया।