उपभोक्ता को ब्याज सहित अदा करनी होगी जमा राशि।

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संवादसूत्र देहरादून: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने डाकतार क्रेडिट एवं थ्रिफ्ट सहकारी समिति व निबंधक सहकारी समितियां के खिलाफ एक मामले में छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ उपभोक्ता को तीस दिन में जमा राशि के भुगतान का आदेश दिया है। इसके अलावा विपक्षीगण को 15 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति व पांच हजार रुपये वाद व्यय भी देना होगा।

पुष्प विहार कालोनी, धर्मपुर निवासी श्याम सुंदर कुकरेती ने डाकतार क्रेडिट एवं थ्रिफ्ट सहकारी समिति व निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड को पक्षकार बना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। वादी के अनुसार वह मुख्य डाकघर देहरादून में सहायक डाकपाल के पद पर कार्यरत थे। 30 अप्रैल, 2012 को वह सेवानिवृत्त हो गए। नौकरी पर रहते वह डाकतार क्रेडिट एवं थ्रिफ्ट सहकारी समिति के सदस्य थे। जहां उनकी 30,854 रुपये की धनराशि जमा थी। सेवानिवृत्ति के उपरांत उन्होंने उक्त धनराशि ब्याज सहित वापस प्राप्त करने के लिए समिति को पत्र दिया। कई बार संपर्क करने के बाद भी उन्हें भुगतान का बस आश्वासन ही दिया जाता रहा। दिसंबर 2015 अंतिम सप्ताह में समिति की ओर से उन्हें एक पत्र प्राप्त हुआ। जिसमें कहा गया कि समिति के एक सदस्य जयपाल सिंह को दिए गए ऋण की वसूली न होने के कारण बतौर जमानती बकाया धन की वसूली उनसे होनी है। ऐसे में वह भुगतान नहीं कर रहे हैैं। जिस पर वादी ने तर्क दिया कि जयपाल सिंह जीवित हैैं और नियमानुसार बकाये का दायित्व उनका है। वहीं, अवशेष राशि की वसूली जयपाल की चल-अचल संपत्ति से भी की जा सकती है। समिति ने आयोग में कहा कि जयपाल सिंह सेवानिवृत्त नहीं, बल्कि बर्खास्त किए गए थे।इसलिए विभाग से किसी तरह की देनदारी अदा नहीं होनी थी। जयपाल के एक अन्य जमानती अपना जमानत का भाग जमा करा चुके हैैं। आयोग के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह दुग्ताल और सदस्य विमल प्रकाश नैथानी व अलका नेगी ने मामले की सुनवाई पर यह पाया कि विपक्षीगण ने ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है कि उन्होंने ऋणी जयपाल सिंह से ऋण की धनराशि वसूल करने के लिए प्रभावी कदम उठाया है। वहीं, जयपाल की बर्खास्तगी के संबंध में भी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है। यदि वह बर्खास्त हुआ तब भी जीपीएफ आदि से ऋण का समायोजन किया जाना था। ऐसे में ऋण वसूली में उदासीनता दिखाना स्पष्ट प्रतीत हो रहा है। ऐसे में विपक्षीगण 30,854 रुपये की जमा राशि ब्याज सहित उपभोक्ता को अदा करनी होगी।

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