सुंदरढूंगा में बर्फ में दबे चार ट्रैकरों के शव एसडीआरएफ ने निकाले।

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पांचवां शव भी दिखा लेकिन बर्फ अधिक होने के कारण रेस्क्यू करने में दिक्कत

संवादसूत्र देहरादून: स्थानीय गाइड खिलाफ सिंह का अभी तक नहीं लगा सुराग बागेश्वर: सुंदरढूंगा घाटी में 18 अक्टूबर को पहुंचे पांच बंगाली ट्रैकर्स में से चार के शव देहरादून से आई एसडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिए हैं। चारों शवों को कपकोट लाया गया है। वहां उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। एक अन्य बंगाली ट्रैकर का शव भी मिल गया है लेकिन बर्फ अधिक होने के कारण उसे अभी तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है।ट्रैकर्स के साथ गए जैकुनी गांव के गाइड खिलाफ सिंह अभी भी लापता है।

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मंगलवार को छह दिनों के बाद जिला प्रशासन को रेस्क्यू अभियान में सफलता मिली है। देहरादून से आए एसडीआरएफ की पवर्तारोही टीम ने सुंदरढूंगा घाटी में बर्फ में दबे चार शवों को सुबह रेस्क्यू कर लिया। नैनी-सैनी हवाई पट्टी पिथौरागढ़ से आए चौपर के माध्यम से शवों को कपकोट लाया गया है। जिला मुख्यालय से कपकोट गई डाक्टरों की टीम उनका पोस्टमार्टम कर रही है। जबकि एक अन्य बंगाली ट्रैकर की बॉडी तो मिल गई है। लेकिन बर्फ से निकाली नही जा सकी है। जिलाधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि एक अन्य ट्रैकर को भी रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है। घाटी में हिमपात जारी रहने से बचाव अभियान में दिक्कत हो रही है। जबकि बागेश्वर के जैकुनी गांव निवासी गाइड खिलाफ सिंह का अभी पता नहीं चल सका है। उसे भी खोजा जा रहा है। बरामद ट्रैकर्स की अभी शिनाख्त बाकी है।

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देहरादून से आई एसडीआरएफ की टीम में आठ लोग शामिल हैं। सभी पर्वातारोही हैं, जिसके कारण छठे दिन रेस्क्यू अभियान में सफलता हासिल हुई है। इसके अलावा कपकोट तहसील में तैनात एसडीआरएफ की टीम भी उनको मदद कर रही है। इसके अलावा कुमाऊं मंडल विकास निगम के गाइड, ट्रैकरों के अलावा टीम में स्थानीय लोग भी शामिल हैं।

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