पतंजलि व सत्य ट्रेड का विवाद सुलझाएंगे बांबे उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश।

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संवादसूत्र देहरादून/ नैनीताल : उच्च न्यायालय नैनीताल ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और उसके सुपर डिस्ट्रीब्यूटर सत्व ट्रेड लिंक के बीच 5.4 करोड़ रुपये के बकाया विवाद को निपटाने के लिए बांबे उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग को मध्यस्थ नियुक्त किया है। सत्य ट्रेड लिंक की ओर से नोटिस पर ध्यान नहीं देने के बाद पतंजलि ने नैनीताल हाई कोर्ट ने याचिका दायर की थी।
पतंजलि ने पहली मार्च 2017 को सत्व को अपना सुपर डिस्ट्रीब्यूटर नियुक्त किया। 5.4 करोड़ रुपये बकाया होने के बाद दोनों के मध्य विवाद शुरू हो गया। इसपर पतंजलि ने सत्व को 16 सितंबर 2021 को नोटिस दिया। लेकिन भुगतान नहीं हो सका। 10 अक्टूबर 2021 को मध्यस्थता का नोटिस जारी करते हुए पतंजलि ने कहा कि न तो भुगतान किया गया और न ही मध्यस्थ नियुक्त करने पर सहमती बनी। मध्यस्थता नियम के अनुसार यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है तो आचार्य बालकृष्ण एकमात्र मध्यस्थ होंगे और उनका निर्णय दोनों पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा।
इस पर सत्व के अधिवक्ता ने कहा कि पतंजलि ने विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने का प्रयास नहीं किया। यह भी तर्क दिया कि सत्व को 10 अक्टूबर को नोटिस नहीं दिया गया था। इसपर नैनीताल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी की एकल पीठ को सत्व के अधिवक्ता की दलील में कोई योग्यता नहीं मिली। इसपर उन्होंने मामले को सुलझाने के लिए बांबे हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग को मध्यस्थ नियुक्त कर दिया।