बदहाल मुख्य सड़कों की मरम्मत की सरकार की अनदेखी पर पूर्व सीएम हरीश रावत धरने पर बैठे।

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संवादसूत्र देहरादून/रानीखेत: मैदान व पहाड़ के साथ ही कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाली बदहाल मुख्य सड़कों की मरम्मत को सरकार ने ठोस कदम न उठाए तो कांग्रेसी व पंचायत प्रतिनिधि फिर भड़क उठे। दो टूक चेतावनी के बावजूद सुध न लिए जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मोहान तिराहा पहुंचे। समर्थकों के साथ गड्ढों से बेजाल सड़क पर बैठ धरना शुरू कर दिया।
पर्यटक नगरी को जिम कार्बेट पार्क रामनगर तथा सल्ट क्षेत्र को पौड़ी गढ़वाल से जोड़ने वाली सड़कें अरसे से बदहाल हैं। यही नहीं कई आंतरिक सड़कें भी रखरखाव के अभाव में हादसे का सबब बनी हुई हैं। आपदा व अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त रोड भी दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं। इससे जहां पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।बड़ी दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना हुआ है। सड़कों की दुर्दशा पर दो माह पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत वर्षा से जलमग्न गड्ढों के पास धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने राज्य की धामी सरकार को डेढ़ माह की मोहलत देते हुए खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत न होने पर मोहान तिराहा पर बेमियादी धरने का ऐलान भी किया था।
इधर सरकार व संबंधित विभाग ने अब तक सुध न ली तो गुरुवार को पूर्व सीएम हरीश रावत की अगुआई में एनएसयूआइ कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, टैक्सी यूनियन व अन्य संगठनों के लोग मोहान तिराहा पर पहुंचे। सरकार विरोधी नारेबाजी व प्रदर्शन के बीच धरने पर बैठ गए। पूर्व सीएम हरीश रावत ने राज्य व केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। कहा कि डबल इंजन सरकार को उत्तराखंड की ज्वलंत समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। उन्होंने चुटकी ली कि स्थान विशेष के नाम बदलने से तरक्की नहीं होती। धरातल पर कुछ काम भी करने होते हैं जिनका जनता से सीधा सरोकार होता है। धरना जारी है।