पूर्व सीएम के सलाहकार ठगी के हुए शिकार।

ख़बर शेयर कर सपोर्ट करें

संवादसूत्र देहरादून/ रुड़की: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सलाहकार रहे प्रो. नरेन्द्र सिंह ठगी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने धोखाधड़ी से उनसे 80 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु कर दी है।

थाना क्षेत्र के भलस्वागाज गांव निवासी प्रो. नरेन्द्र सिंह आइआइटी रुड़की से सेवानिवृत्त हैं और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सलाहकार रहे हैं। उन्होंने झबरेड़ा थानो में एक तहारीर देकर बताया कि 3 सितंबर को उनको फोन आया। फोनकर्ता ने पीएनबी मेटलाइफ अधिकारी प्रशांत कुमार बताते हुए उसे कहा कि उसकी 20 वर्ष की पॉलिसी बैंक में है। उनकी एक किश्त पचास हजार रुपये जमा है। अगर वह तीन किश्त और जमा कर देते हैं तो उनको दो वर्ष बाद ढाई लाख रुपये की रकम मिल जाएगी। इसके दो दिन बाद उनके पास किसी अजय ठाकुर का फोन आया। उसने भी खुद को पीएनबी मेटलाइफ विभाग से अकाउंटेंट बताया। उसने प्रो. नरेन्द्र सिंह को सलाह दी कि वह अपनी किश्त को जमा करवा दे लेकिन वह उनकी बात से संतुष्ट नहीं हुए और फोन काट दिया। इसके बाद 7 सितंबर को मनोज नामक व्यक्ति का फोन आया वह भी अपने को पीएनबी मेटलाइफ से संबंधित बताते हुए बताया कि उन्हें सीनियर सिटीजन का लाभ मिल सकता है। उनको एक लाख के बजाए अस्सी हजार रुपये जमा करने होंगे। उसने इस तरह से बातें की कि वह उसके झांसे में आ गए। इसके बाद उसने दो किश्तों में अस्सी हजार रुपये हजार रुपये मोहननगर स्थित एसबीआइ के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने इस मामले में कंपनी को भी पत्र भेजा। कंपनी ने बताया कि उनके खाते में रकम नहीं आई है। उन्होंने इस मामले में पुलिस से कार्रवाई किए जाने की मांग की। थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रशांत, मनोज और अजय ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी गई है।

और पढ़ें  धू-धू कर जला अहंकारी रावण।