राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को पहली बार अधिकतम धनराशि स्वीकृत।

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संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण एवं महत्वपूर्ण जन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन
हेतु भारत सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के लिए रू 894 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी है।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना के लिए स्वीकृत इस धनराशि को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक अच्छी बात बताते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक सोनिका ने कहा कि यह धनराशि पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक धनराशि है। सोनिका के अनुसार वर्ष 2019-21 में राज्य को भारत सरकार द्वारा रू0 052.49 करोड़ स्वीकृत किए गए थे और वर्ष 2020-21 में रु 561.63 करोड़ का बजट मिला था जबकि इस वर्ष यह अभी तक की सबसे अधिक बजट धनराशि है और इसके स्वीकृत होने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित एवं लम्बित गतिविधियों संचालित
किया जा सकेगा।मिशन निदेशक ने एनएचएम द्वारा संचालित योजनाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के विकास हेतु अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मिशन द्वारा इस वर्ष उन कार्यों को करने में सहायता मिलेगी, जिन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु आवश्यकीय रूप में आरम्भ किया जाना है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा उपलब्ध बजट के अन्तर्गत निम्न योजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी देते हुए इसे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अच्छी उपलब्धि बताया।

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1-इस वर्ष राज्य में 400 नयी ए०एन०एम० और 158 स्टॉफ नर्सों की नियुक्ति किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा धनराशि स्वीकृत की गयी है। यह जहां एक ओर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है. वहीं दूसरी ओर यह युवाओं के लिए रोजगार सृजन में भी सहायक होगा।

2-स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उन्हें उपचार हेतु अस्पताल तक रैफर किए जाने के लिए भारत सरकार द्वारा रैफरल ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी स्वीकृत की गयी है। अब 0-18 वर्ष तक के बच्चों को उपचार के लिए चिकित्सालयों को रैफर करने के दौरान ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जायेगी।

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3-प्रसव उपरान्त जच्चा-बच्चा को घर तक छोड़ने के लिए खुशियों की सवारी सुविधा विगत 03 वर्षों से बाधित थी, जिसके लिए भारत सरकार ने इस वर्ष बजट स्वीकृत कर दिया है। अब 105 एम्बुलेंस वाहनों को खुशियों की सवारी के रूप में विभिन्न अस्पतालों को उपलब्ध किया जायेगा, परिणामस्वरूप जच्चा बच्चा को उनके घर तक सुरक्षित छोड़ने का कार्य हो पायेगा।

4-कोविड महामारी के दौरान महत्वपूर्ण 104 निःशुल्क हेल्पलाईन सेवा के विस्तारीकरण भी भारत सरकार द्वारा इस बजट में स्वीकृति प्रदान की गयी है। अब 104 हैल्पलाईन के अन्तर्गत अधिक संख्या में कॉल सेन्टर संचालित किए जा सकेगा और आमजन को हैल्पलाईन की सेवाएं सहजता
से मिल पायेंगी।

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5-भारत सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव के लिए 54 डिलीवरी प्वाईट एवं 29 फस्ट रैफरल यूनिट को सुदृढीकरण किए जाने हेतु मी धनराशि स्वीकृत की गयी है। इसके अतिरिक्त जनपद हरिद्वार उत्तरकाशी, पौडी, ऊधमसिंहनगर तथा टिहरी गढ़वाल में 05 फस्ट रैफरल यूनिट खोले जाने के लिए भी स्वीकृति दी गयी है।

6-इस वर्ष राज्य सरकार समुदाय स्तर पर होने वाली मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले प्रथम व्यक्ति को भी रू 1000/- प्रोत्साहन राशि दिए जाने की योजना को आरम्भ कर पायेंगी

7-स्वीकृत बजट के अन्तर्गत 108 आपातकालीन सेवा के अन्तर्गत संचालित 132 नई एम्बुलेंस का रख-रखाव एवं संचालन का कार्य भी सरलता से पायेगी।

8-राज्य में संचालित 05 नयी रक्त भण्डारण इकाईयों के लिए भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है।

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