स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो गढ़वाली व कुमाऊंनी शब्दकोश:तरुण विजय।

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संवादसूत्र देहरादून/ऋषिकेश: पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने कहा कि उत्तराखंड अपने सौंदर्य, आध्यात्मिक शक्ति, संस्कृति और बलिदान की परंपरा के लिए पूरे विश्व में पहचान रखता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने विषम परिस्थितियों में भी अपने भोजन, भाषा और भूषा को भी संजोकर रखने का काम किया है। इसके लिए गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा के शब्दकोष को अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम में स्थान दिया जाना चाहिए।
पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय नगर निगम सभागार में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर आयोजित संकल्प दिवस कार्यक्रम में पहुंचे। बलिदानी प्रदीप रावत के पिता पूर्व सूबेदार कुंवर सिंह रावत की अध्यक्षता और नगर निगम की महापौर अनिता ममगांई के संयोजन में आयोजित विचार गोष्ठ को संबोधित करते हुए पूर्व रास सदस्य तरुण विजय ने कहा कि‌ वर्तमान समय में देश का अमृत काल चल रहा है, इसमें आज हम प्रदेश के मुख्यमंत्री का जन्मदिन संकल्प दिवस और कल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन सेवा पखवाड़े के रूप में मनाने जा रहे हैं। कहा कि उत्तराखंड को हम विश्व में वीरता के कारण जानते हैं, वहीं वेद, वेदांत, विद्या के साथ प्रसिद्ध धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और गंगा का पवित्र प्रवाह इस भूमि को देवभूमि बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। वर्ष 2014 के बाद उत्तराखंड में चार हजार किमी राजमार्गों का निर्माण हुआ है। पहाड़ पर रेल का सपना साकार होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक मात्र लोकतांत्रित राजनैतिक दल है, जो अंत्योदय की सोच के साथ काम करता है। उन्होंने कार्यकर्त्ताओं से सरकार के संकल्प के अनुरूप प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने की अपील की। इस अवसर पर महापौर अनीता ममगाईं, भाजपा प्रदेश मंत्री मीरा रतूड़ी ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में पूर्व दायित्वधारी संदीप गुप्ता, भाजपा के कोषाध्यक्ष संजय ब्यास, पूर्व जिला अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, ज्योति सजवाण, किसान मोर्चा के कुलदीप टंडन, विजय बिष्ट, रविंद्र राणा, संदीप शास्त्री, चेतन शर्मा, विवेक गोस्वामी, पंकज गुप्ता, रमेश अरोड़ा, यशवंत रावत, प्रमोद शर्मा, विजय बडोनी, मनीष बनवाल, कमलेश जैन, अनीता रेना, कमल गुनसोला, राजकुमारी जुगलान, विजयलक्ष्मी भट्ट, अशर्फी राणावत, रेखा सजवान, किरन त्यागी, मंजू बलोदी, चरनजीत काचू, राजाराम शर्मा, संजय कुमार विजय बिष्ट आदि उपस्थित थे।