रैगिंग प्रकरण में अज्ञात पर मुकदमा।

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संवादसूत्र देहरादून/हल्द्वानी: हाईकोर्ट के दखल पर आखिरकार राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी प्रबंधन को बेकफुट पर आना ही पड़ा। कुमाऊं कमिश्नर व डीआइजी की जांच में छात्रों से रैगिंग की बात सामने आने पर अब कालेज के सहायक वार्डन ने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ छात्रों को उकसाने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है।
मेडिकल कालेज के सहायक वार्डन डा. हरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मेडिकल कालेज प्रंबधन को कुछ दिन पूर्व एक वायरल वीडियो की जानकारी मिली थी। वायरल वीडियो में प्रथम वर्ष के छात्र एक पंक्ति में सर झुकाकर चल रहे थे। सभी के बाल छोटे व हाथ पीछे की तरफ थे। प्रथम दृष्टया इस तरह का व्यवहार भय, दबाव व दुर्व्यवहार के कारण किया जाना प्रतीत हुआ। इसके बावजूद किसी भी छात्र व अभिभावक ने कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत नहीं की। एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में सात मार्च को सूचना मिलने पर कालेज प्रशासन की अनुशासन समिति व एंटी रैगिंग समिति ने जांच की। इस दौरान भी किसी छात्र ने रैगिंग की शिकायत नहीं की। उनका कहना है कि इससे पूर्व भी समय-समय पर खुद व प्राचार्य छात्रावास का निरीक्षण करते आए हैं लेकिन रैगिंग से छात्र मना करते आए हैं। सहायक वार्डन का कहना है कि कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत व डीआइजी डा. नीलेश आनंद भरणे व मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. अरुण जोशी के आदेश पर उन्होंने तहरीर दी। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात पर छात्रों को उकसान व धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना शुरू कर दी गई है।