देहरादून जिले में मतदाताओं के बढ़े आंकड़े सांस्कृतिक बदलाव के संकेत हैं: अनूप नौटियाल।

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सँवादसूत्र देहरादून: देहरादून जिले की धर्मपुर विधानसभा में बीते एक दशक के दौरान 72 फीसदी मतदाता बढ़ गए हैं। राज्य के मैदानी जिलों में मतदाता संख्या की अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी को जानकारी राज्य में सांस्कृतिक बदलाव के संकेत मान रहे हैं। एसडीसी फाउंडेशन ने राज्य विधानसभा चुनावों के संदर्भ में अपनी चौथी रिपोर्ट ‘डेमोग्राफिक चेंजेज, डिस्ट्रिक्ट अपडेट एंड कॉन्सिट्वेंसी नंबर्स’ जारी कर दी है।

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एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने कहा कि बीते एक दशक में उत्तराखंड में मतदाताओं की संख्या में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जो मुख्य रूप से मैदानी जिलों में हुई है। मैदानी क्षेत्रों में मतदाताओं की इतनी बड़ी संख्या में यह बढ़ोत्तरी इशारा करती है की बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के लोग आकर उत्तराखंड में बस रहे हैं।

नौटियाल के मुताबिक इतनी बड़ी संख्या में बाहर से आकर लोगों के उत्तराखंड में बसने से इस राज्य के सांस्कृतिक स्वरूप पर तो असर पड़ेगा ही, साथ ही जिन शहरों में इतनी बड़ी संख्या में लोग बस रहे हैं उन पर भी दबाव बढ़ेगा। राज्य के शहर पहले से ही क्षमता से ज्यादा बोझ झेल रहे हैं।

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इससे नागरिक सुविधाओं की कमी लगातार बढ़ रही है। अनूप नौटियाल ने कहा कि जिन सीटों पर मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है, वे सभी मैदानी सीटें हैं। देहरादून के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। पिछले 10 वर्षों में इस विधान सभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में 72 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।

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धर्मपुर के अलावा रुद्रपुर, डोईवाला, सहसपुर, कालाढूंगी, काशीपुर, रायपुर, किच्छा, भेल रानीपुर और ऋषिकेश में भी 41 से 72 प्रतिशत मतदाता बढ़े हैं। दूसरी तरफ अल्मोड़ा जिले में इस दौरान सबसे कम 13 प्रतिशत ही मतदाता बढ़े हैं।

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