दो दिवसीय वसन्तोत्सव-2021 का हुआ समापन

ख़बर शेयर कर सपोर्ट करें

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत

देहरादून : राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने रविवार को राजभवन में चल रही पुष्प प्रदर्शनी वसंतोत्सव 2021 का समापन किया। राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया। मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे तथा विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया।

इस वर्ष बीएचईएल को 18 श्रेणियों, उत्तराखण्ड वन विभाग को 05 श्रेणियों में, आई.एम.ए. को 06 श्रेणियों में, ओ.एन.जी.सी को 13 श्रेणियों में, तथा आई.आई.टी रूड़की को 06 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त हुए। बीएचईएल को सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त करने पर चल बैजयंती (रनिंग ट्राफी) प्रदान की गई। 11 श्रेणियों की 46 उपश्रेणियों में 132 प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार एवं 14 सांत्वना पुरस्कार वितरित किये गये। खाद्य पुष्प (फ्लावर्स यूज्ड फॉर इडीबल पर्पज) की श्रेणी में ओएनजीसी को प्रथम, फ्रेश पेटल रंगोली में एकता वीना को प्रथम तथा ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी में शैली को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।

और पढ़ें  कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए 18 सिंतबर से हेमकुंड साहिब सहित चारों धाम के कपाट दर्शनार्थ खुलेंगे।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी को लोगों के लिये अधिक से अधिक उपयोगी तथा लाभदायक बनाना ही मुख्य उद्देश्य है। पुष्प प्रदर्शनी के माध्यम से फूलों के काश्तकारों को बढ़ावा मिलेगा। इस वर्ष अगस्त-सितम्बर में सेब-लीची महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया है। उत्तराखण्ड के सेब और लीची उत्कृष्ट गुणवत्ता के होते है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से इनका और अधिक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि प्रकृति ने हमें जो अनुपम सौन्दर्य और संपदा दी है, उसके बारे में लोगां को जागरूक करना आवश्यक है। वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का महत्व तभी लोगों को समझ में आयेगा, जब लोग प्रकृति के महत्व और इसकी सुंदरता का देखेंगे। इस पुष्प प्रदर्शनी का पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अपना योगदान है।
कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि 171 संस्थानों द्वारा स्टॉल लगाये गये। 12 से 18 आयु वर्ग में पेटिंग प्रतियोगिता में 135 बच्चों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उन्होंने कहा कि फ्लोरिकल्चर के माध्यम से लोगों की आर्थिकी मजबूत कना हमारा लक्ष्य है। कोविड-19 के दुष्प्रभाव से उबरने में फूल उत्पादों को प्रोत्साहन मिला है।

और पढ़ें  जंगलों की आग ने अब गांव की तरफ किया रुख, मवेशी आये चपेट में।

सचिव उद्यान हरबंस सिंह चुघ ने पुष प्रदर्शनी की विस्तृत जानकारी दी। निदेशक उद्यान डा0 एच0 एस0 बावेजा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल श्री बृजेश कुमार सन्त, अपर सचिव श्री राज्यपाल श्री जितेन्द्र सोनकर, सहित उद्यान विभाग के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *