अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस

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दिव्या गड़िया

लोकतंत्र निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव पर आधारित होनी चाहिए ताकि जनता के पास एक विकल्प यह भी रहेगी वह शासक दल को गद्दी से उतार दे। हमारा देश लिंग जाति धर्म के आधार पर वर्गीकृत है लेकिन वोट का एक मूल्य होना चाहिए किसी व्यक्ति को मतदान के समान अधिकारों से वंचित रखना उसके अधिकारों की क्षति है ऐसे उदाहरण भी हैं साल 2015 तक सऊदी अरब की महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था।”

लोकतंत्र एक वृहद स्वरूप है क्योंकि इसके कई आयाम हैं फिलहाल इसे हम केवल जनता तक ही सीमित रख समझते हैं लोकतंत्र शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा प्रजातंत्र से हुई जिसका शाब्दिक अर्थ है “लोगों का शासन”। जनता अपनी इच्छा से निर्वाचन में आए हुए किसी भी प्रत्याशी या किसी भी दल के प्रत्याशी को मत देकर अपना प्रतिनिधि चुन सकती है। जनता में इतनी ताकत होती है कि वह सत्ता बना भी सकती है और सत्ता के क्रियान्वयन में आने से पूर्व गिरा भी सकती है । लोकतंत्र जनता की इच्छा से जनता के लिए ही चुनी गई सरकार है ।
अब्राहिम लिंकन के अनुसार- लोकतंत्र जनता के लिए जनता के द्वारा शासन है। लोकतंत्र राजनीति के क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापक प्रणाली है ।राजनीति का उदय ही लोकतंत्र से होता है लोकतंत्र में संपूर्ण शक्ति जनता के पास होती है । जनता के चयन से ही कोई भी प्रत्याशी सत्ता में आ सकती है, परंतु राजतंत्र इसके विपरीत है । राजतंत्र किसी एक व्यक्ति के अनुरूप चलती है जिसका चयन जनता ने अपनी शासक के रूप में किया होता है । लोकतंत्र निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव पर आधारित होनी चाहिए ताकि जनता के पास एक विकल्प यह भी रहेगी वह शासक दल को गद्दी से उतार दे। हमारा देश लिंग जाति धर्म के आधार पर वर्गीकृत है लेकिन वोट का एक मूल्य होना चाहिए किसी व्यक्ति को मतदान के समान अधिकारों से वंचित रखना उसके अधिकारों की क्षति है ऐसे उदाहरण भी हैं साल 2015 तक सऊदी अरब की महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था ,लोकतंत्र में हर व्यस्क नागरिक को 1 वोट का अधिकार होना चाहिए तथा हर एक व्यक्ति के वोट का सम्मान मूल्य होना चाहिए हमारा संविधान भी जाति धर्म लिंग पर भेदभाव ना करने की गारंटी देता है फिर भी हमारा देश जाति धर्म लिंग के आधार पर ही बटाँ हुआ है।
प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को संपूर्ण विश्व में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है (इंटरनेशनल डे ऑफ डेमोक्रेसी)
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 2007 में 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस घोषित किया था ।संयुक्त राष्ट्र महासभा ने लोकतंत्र के व्यापक स्वरूप को समझने तथा जनता को अपनी शक्ति से अवगत कराने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की शुरुआत की थी । उसके पश्चात 15 सितंबर 2008 से प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है ।प्रतिवर्ष इस दिन की एक सुनिश्चित थीम होती है ।वर्ष 2020 में थीम कोविड-19 स्पॉट लाइट ऑन डेमोक्रेसी थी।
भागीदारी , लोकतंत्र के लिए आवाज को मजबूत करना, युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ना, नागरिक समाज के लिए स्थान यह सभी थीम लोकतंत्र का महत्व समझने तथा लोकतंत्र में सार्थक भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं । वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस साल की थीम कोरोना से बचाव रखी गयी है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने अधिकारों से जागरूक कराना तथा पूर्ण भागीदारी देने का समर्थन करता है।

दिव्या गड़िया, देवाल(चमोली)

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