” विश्व तम्बाकू निषेध दिवस”

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दीपशिखा गुसाईं

यह एक चित्र ही तम्बाकू के प्रति बच्चे की मनोदशा को बखूबी दर्शाता है,, और हम समझदार होकर भी इतने नासमझ बने होते हैं,,
” मम्मा जब तम्बाकू खाना इतना खतरनाक हैं तो लोग खाते क्यों हैं,, पता इससे कैंसर तक होता है,, “”
अगर यह शब्द 5 साल के बच्चे के हों तो कितना सोचनीय हैं यह,, एक एड देखते हुए कुछ साल पहले बेटी ने यह सवाल किया था,, और वह एड ही ऐसा था कि उसकी आँखों में आँसू से आ गये थे,, मैं भी सोचने लगी इतनी छोटी बच्ची ने कितनी गहराई से समझा इस बात को,, पर हम भी जानते कुछ लोगों के खून तक यह नशा चला जाता है और वो कितना भी चाहें उस नशे से बाहर ही नहीं निकलना चाहते,,,

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कई बार घरों में भी बच्चे बड़ों को टोकते पर वो फिर उनको डांटकर चुप करवा देते,, जबकि बच्चा एक सही उद्देश्य से यह सब कह रहा होता,, अगर कल यही बच्चा देखा देखी कर खुद तम्बाकू की और जाता हैं तो माँ बाप चिंतित होते हैं तब क्यों इतनी फ़िक्र,, जब खुद आप नहीं संभल पा रहे हो,, जबकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खुद उस पैकेट में भी लिखा होता हैं,, और WHO के मुताबिक दुनियां में हर साल 8 मिलियन लोग इसी तम्बाकू की भेंट चढ़ जाते,, आज हम कोरोना कोरोना कर रहे इससे बचने के उपाय सोच रहे,, पर देखिये रिपोर्ट तक कह रही इतनी मोतें तो कोरोना से भी भयानक हैं ,,

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पिछले साल 2020 की थीम थी – “युवाओं को इंडस्ट्री के हथकंडे से बचाना और उन्हें तंबाकू और निकोटिन के सेवन से रोकना है”, हेल्थ सेफ्टी को प्रोत्साहन देना और तंबाकू के सेवन ना करने को लेकर जागरुकता फैलाने पर इस बार जोर दिया जा रहा है. डब्ल्यूएचओ युवाओं को तम्बाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों को समझने के लिए विभिन्न माध्यमों की कोशिश कर रहा है. इसमें युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए तम्बाकू उद्योग विभिन्न तरीकों का उपयोग कैसे करते हैं ये भी शामिल है. धूम्रपान करने वालों में से अधिकांश लोग इस आदत की शुरुआत करते हैं जब वे किशोर होते हैं, इसलिए उन्हें धूम्रपान और वाष्प से दूर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है.

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समय पर सजगता जरुरी,, अगर बच्चे कुछ कह रहे तो कृपया इस पर ध्यान भी दें,,
यह तस्वीर जब बेटी ने बनाई तो मैं खुद सोचने पर विवश हुई कि आखिर यह सब बच्चों के दिल पर भी कितना गहरा असर कर जाती है,,, वो कह नहीं पाते कई बार पर अपने चित्रों से बखूबी दर्शा देते हैं,,,

“दीप”

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