उत्तराखण्ड
हरिद्वार में संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर संवाद, शिवराज ने किया जनजागरण का आह्वान।

संवादसूत्र देहरादून/हरिद्वार, 23 अगस्त। हरिद्वार के अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की आवश्यकता और इसके संभावित लाभों पर संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। चौहान ने संत समाज से इस विषय पर जनजागरण में सहयोग की अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनावों से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक मशीनरी की बड़ी भागीदारी होती है, जिससे विकास और जनसेवा से जुड़े कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं तो समय, संसाधनों और प्रशासनिक ऊर्जा की बचत हो सकती है तथा शासन का ध्यान विकास कार्यों पर अधिक केंद्रित किया जा सकेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से जुड़ा विषय है और इसे केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर इस विषय पर व्यापक चर्चा और जनभागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपने प्रवचनों और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से जनता तक ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विचार को पहुंचाएं। चौहान ने कहा कि संत समाज की भूमिका जनजागरण में महत्वपूर्ण हो सकती है और उनके माध्यम से यह विषय व्यापक स्तर पर चर्चा का हिस्सा बन सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विचार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार और वे व्यक्तिगत रूप से इस विचार के समर्थन में हैं तथा जनसमर्थन बढ़ाने के प्रयासों में सहयोग करेंगे।
‘वंदे मातरम’ के पूर्ण स्वरूप पर भी जोर
संत समागम में शिवराज सिंह चौहान ने ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण स्वरूप के महत्व पर भी बात की। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे किसी राजनीतिक दल या समुदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना आवश्यक है। चौहान ने संत समाज से अपील की कि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ से चुनावी प्रक्रिया में होने वाले बार-बार के व्यय और प्रशासनिक व्यस्तता को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने संत समाज से इस विषय पर सकारात्मक जनसंवाद आगे बढ़ाने का आह्वान किया।




