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सागर तो खारे हैं बिल्कुल,नदिया न खारी हो जाये….काव्य महाकुंभ में कवियों ने बांधा समां।
07 May, 2022संवादसूत्र देहरादून: “उत्तराखंड की जिया साहित्यिक कुटुम्भ” के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय काव्य महाकुंभ का...
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विडंबनाओं में जीवन…
30 Mar, 2022गीत (निशा गुप्ता) विडंबनाओं में जीवन कीबाँसुरिया भी टूटी-टूटी । विडंबनाओं में जीवन कीबाँसुरिया भी टूटी-टूटी...
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ऊँका औंण से पैलि
22 Mar, 2022(गढ़वाली कविता) हरदेव नेगी ऊँका औंण से पैलि स्यूँद पाटि सजै द्योंकखि बटि क्वी कसर नि...
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मैं गौरैया!
20 Mar, 2022(डॉ भारती वर्मा बौड़ाई) घर हैंघर में आँगन भी हैंपर दिखते नहीं पेड़,रखे हैंकुछ गमलेसीधी लाइनों...
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कहाँ गई हो तुम गौरैया…
20 Mar, 2022निशा गुप्ता “कविता“ कहाँ गई हो तुम गौरैयालौट कभी तो आओ जीमेरा आँगन सुना लगताथोड़ा तो...
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‘होरि एैग्ये”…
17 Mar, 2022हरदेव नेगी फागुंण चैत कि रंगीली बहार फूलु मा सौरी गे,रंगों कु सजीलु त्यवार होरि एैग्ये।।होरी...
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रंगों की बौछार।
13 Mar, 2022“मुक्तक“ निशा”अतुल्य” रंगों की बौछार में , भीगी सुन्दर नार ।भागी बचने के लिए , पिचकारी...
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होली: “जोगी जी वाह जोगी जी”
09 Mar, 2022निशा गुप्ता(अतुल्य) होली के हुलियारे आए , चंग बजाते आज ।पी कर भंग हुए मतवाले, खोले...
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भोले की बारात
28 Feb, 2022कविता (निशा गुप्ता) भोले ने बारात चढ़ाईबाघाम्बर पोशाक सजाई ।तन पर अपने भस्म रमाईचन्द्र सुशोभित गंगा...
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“डोली”
22 Feb, 2022निशा गुप्ता सपनो की डोली सजीलेकर चले कहार ।तन मन डूबा प्रेम मेंउतरी साजन द्वार ।।...