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“बड़ा त्योहार राखी का”
22 Aug, 2021गीत निशा”अतुल्य” बड़ा ही प्यार है लाया,बड़ा त्योहार राखी का।मिला सम्मान भाई से,बड़ा उपहार राखी का।।...
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“नदी एक स्त्री”
04 Aug, 2021कविता रत्नेश अवस्थी नदी जिसका पिता पर्वत,और प्रियतम समुन्दर होता है,जो हमेशा जीती है परहित के...
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सावन संग खुशियाँ रोपती।
30 Jul, 2021कविता दीपशिखा गुसांईं सावन की फुहारें थीं,दूर धान रोपती महिलाएं थीं,भीगती ,गाती अपनी ही धुन में...
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“मुट बौटि ले”
25 Jul, 2021हरदेव नेगी गढ़वाली कविता नौंळा पंदेरों मा पंदेरी ब्वनी छन,बाटा घाटों मा बट्वे,सैरु बाजारु मा छापा...
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“संट्यै फूल”
10 Jul, 2021गढ़वाली कविता रचनाकार – हरदेव नेगी तौं बिठा पाखौं डाळ्यूं का फांगों कु चा हैंसड़ू मुलमुल?तौं...
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तू हिकमत नि हार,
16 Jun, 2021गढ़वाली कविता हरदेव नेगी स्यूं जोत कमर कस,मिस्यो कुछ कमौंणा की सार,अळसु छ्वोड़ मुकन्याळ जगौ,पर तू...
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“अथाह विवश हो चली हूँ मैं”
02 Jun, 2021कोरोना से जूझती और उस दर्द को सहती एक स्त्री की ब्यथा मंजुला बिष्ट उन दिनों…खुरदुरी...
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हाँ, अभी ये रोटी जरूर जुटा लेना।
22 May, 2021संजीत ‘समवेत ……… ऐ दोस्त,अधूरे शायर लेखक रचनाकारबनने चले हो जो तुम,तो सुनोपहले एक कामकाजी इंसान...
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रोते हैं आज भी!
16 May, 2021हरदेव नेगी रोते हैं आज भी,वो हजारों चेहरे जो हो गये थे काल के शिकार,जब दो...