उत्तराखण्ड
संत समाज का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा: मुख्यमंत्री।

संवादसूत्र देहरादून/हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के भूपतवाला स्थित श्री ब्रह्म निवास आश्रम में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम में कहा कि संत समाज का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सतगुरु लाल दास महाराज ने सेवा, सत्य और भक्ति का संदेश देकर समाज को जोड़ने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या, काशी और उज्जैन की तरह उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया और मंदिर माला मिशन के तहत प्रदेश के मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से दुर्गम तीर्थस्थलों तक पहुंच आसान होगी और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश कॉरिडोर, आस्था पथ तथा शारदा और यमुना तटों के विकास कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता, सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। अवैध निर्माण और देवभूमि की संस्कृति को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि देहरादून में हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना की गई है, जहां धर्म, संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में सतगुरु चेतनानंद जी भूरी वाले ने संस्था द्वारा पिछले 57 वर्षों से अखंड भोजन सेवा और गरीबों की सेवा का उल्लेख किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज समेत कई संत, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।




