उत्तराखण्ड
वृद्धजन दिवस पर 23 वरिष्ठ नागरिक सम्मानित, दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग शुरू।





संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों तथा निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में चयनित पांच छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से सितंबर माह की पेंशन राशि भी जारी की। इसके तहत प्रदेश के 9,93,886 पेंशनरों को 147 करोड़ 34 लाख 53 हजार रुपये की पेंशन का भुगतान किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को वरिष्ठजनों के कल्याण के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई और परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठजन परिवार के सुरक्षाकवच होते हैं। उनके सानिध्य से बच्चों को संस्कार और जीवन के आदर्श मिलते हैं। वरिष्ठजनों की मौजूदगी से परिवार में अनुशासन, अपनापन और आत्मीयता का भाव बना रहता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज की जीवंत विरासत और अनुभव का भंडार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी उनकी सरकार की है। राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन दी जा रही है और पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ मिल रहा है। वर्तमान में नौ लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को 147 करोड़ रुपये से अधिक की पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं। देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए वृद्धाश्रम भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल समेत अन्य क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि वरिष्ठजन वृद्धाश्रम में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच सम्मान के साथ जीवन बिताएं। केंद्र सरकार के सहयोग से अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और समग्र विकास के लिए कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया गया है। दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों को निशुल्क उपचार की सुविधा भी मिल रही है।
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बड़ों के सम्मान की परंपरा रही है और इसे आगे भी जीवंत रखना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से वरिष्ठजनों का सम्मान करने और उनकी सहायता करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी राम चंद्र गौड़, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, सचिव श्रीधर बाबू अद्वांकी, निदेशक संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया, संयुक्त निदेशक जी.आर. नौटियाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




