Connect with us

शारदा रिवरफ्रंट की धीमी रफ्तार पर मुख्य सचिव नाराज।

उत्तराखण्ड

शारदा रिवरफ्रंट की धीमी रफ्तार पर मुख्य सचिव नाराज।

संवादसूत्र देहरादून, 1 अक्टूबर: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और उनकी नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी द्वारा करीब 10 माह में केवल 10 प्रतिशत कार्य किए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने परियोजना के लिए डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की लगातार निगरानी के साथ मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके।

मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए निर्धारित टाइमलाइन के साथ PERT चार्ट तैयार करने और प्रत्येक बैठक में परियोजनावार प्रगति इसकी आधार पर प्रस्तुत करने को कहा। निर्धारित समय के अनुरूप प्रगति नहीं करने वाली परियोजनाओं में देरी के कारणों की स्पष्ट पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन को भी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा।

रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने यूपीडीसीसी को संचालन एवं अनुरक्षण के लिए अगले पांच वर्षों के लिए समर्पित टीम विकसित कर कार्यस्थलों पर तैनात करने के निर्देश दिए। हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग-अलग यूनिट बनाने को भी कहा गया।

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला-2027 को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता वाले सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। सती कुंड से संबंधित कार्य 15 दिसंबर तक पूरा कराने के लिए श्रमिकों और शिफ्ट की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कार्यों की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

हरिद्वार में चल रहे कार्यों की निगरानी के लिए कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक को हरिद्वार में ही तैनात रहने के निर्देश दिए गए। महाप्रबंधक परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए तत्काल आवश्यक आदेश जारी करने को कहा गया।

पार्किंग परियोजनाओं को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में नए सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित एनओसी लेना अनिवार्य होगा। अन्य विभागों की योजनाओं के साथ पार्किंग परियोजनाओं का समुचित इंटीग्रेशन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्षेत्र की जरूरत और व्यवहारिकता के आधार पर पार्किंग का उपयुक्त विकल्प चुनने के निर्देश दिए।

यूआईआईडीबी की परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय मामलों की निगरानी के लिए फाइनेंशियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते सहित संबंधित विभागों और यूआईआईडीबी के अधिकारी मौजूद रहे।

Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page

About Us

उत्तराखण्ड की ताज़ा खबरों से अवगत होने हेतु संवाद सूत्र से जुड़ें तथा अपने काव्य व लेखन आदि हमें भेजने के लिए दिये गए ईमेल पर संपर्क करें!

Email: [email protected]

AUTHOR DETAILS –

Name: Deepshikha Gusain
Address: 4 Canal Road, Kaulagarh, Dehradun, Uttarakhand, India, 248001
Phone: +91 94103 17522
Email: [email protected]