उत्तराखण्ड
साहित्यकार निशा अतुल्य को अंतरराष्ट्रीय कादंबरी सम्मान।
संवादसूत्र देहरादून/जबलपुर: उत्तराखंड की ख्यातिलब्ध साहित्यकार, समाजसेवी एवं दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए समर्पित एडवोकेसी प्रमुख निशा अतुल्य को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था कादंबरी की ओर से वर्ष 2026 के अखिल भारतीय साहित्यकार एवं पत्रकार सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें उनकी साहित्यिक कृति ‘अतुल्य दोहा संसार’ के लिए स्वर्गीय रजनीकांत चौबे सम्मान प्रदान किया गया।

जबलपुर के शहीद स्मारक स्थित सेठ गोविंददास सभागार में आयोजित भव्य समारोह में देशभर से आए 129 साहित्यकारों, कवियों, लेखकों और पत्रकारों ने प्रतिभाग किया। संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य भगवत दुबे ने गुरुदेव रामनाथ साहू ननकी के सानिध्य में निशा अतुल्य को सम्मान पत्र, शॉल, श्रीफल, सम्मान राशि और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

निशा अतुल्य की कृति ‘अतुल्य दोहा संसार’ दोहा साहित्य की विविधता और शिल्पगत विशेषताओं को समेटे हुए है। इसमें दोहों के 23 प्रकारों के साथ आठ गणों और विभिन्न विधाओं का समावेश किया गया है। यह सम्मान उनकी वर्षों की साहित्य साधना, रचनात्मक प्रतिभा और साहित्य के प्रति समर्पण का प्रतिफल माना जा रहा है।
सम्मान प्राप्त करने पर निशा अतुल्य ने कादंबरी संस्था और आचार्य भगवत दुबे के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कादंबरी साहित्य सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाली संस्था है। अपनी कृति को गुरुवर भगवत दुबे का आशीर्वाद मिलना उनके लिए गौरव और भावुकता का विषय है। उन्होंने गुरुदेव रामनाथ साहू ननकी का भी आभार जताते हुए कहा कि उनका स्नेह और मार्गदर्शन निरंतर प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ रचनाकारों से मिलना और साहित्यिक विचारों का आदान-प्रदान करना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। मां शारदे की कृपा से साहित्य साधना निरंतर जारी रखने की कामना भी उन्होंने की।
समारोह का संचालन राजेश पाठक प्रवीण ने किया। निशा अतुल्य की इस उपलब्धि पर उत्तराखंड सहित देश-विदेश के साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।



