उत्तराखण्ड
हरिद्वार में दो एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से लगेंगे 24,176 पौधे।

संवादसूत्र देहरादून: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पर्यावरण संरक्षण और हरित राजमार्गों के विकास की दिशा में पहल करते हुए प्रोजेक्ट स्पर टू हरिद्वार के अंतर्गत मियावाकी पद्धति से पौधारोपण कार्य का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने शुक्रवार को कार्यक्रम में पौधारोपण कार्य की शुरुआत की।
इस पहल के अंतर्गत लगभग दो एकड़ क्षेत्रफल में कुल 24,176 पौधों का रोपण किया जाना प्रस्तावित है। मियावाकी पद्धति के माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक संख्या में पौधे लगाकर घने हरित क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के साथ जैव-विविधता को प्रोत्साहन मिलने और पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय उत्तराखंड के ज्वाइंट एडवाइजर विजय सिंह, पीआईयू रुड़की के मैनेजर (टेक्निकल) राजकुमार पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
एनएचएआई के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास हरित आवरण विकसित करने और पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना निर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। मियावाकी पद्धति से विकसित होने वाला हरित क्षेत्र क्षेत्रीय पर्यावरण को बेहतर बनाने तथा ग्रीन हाईवे की अवधारणा को साकार करने में योगदान देगा।




