आपदा
चमोली में उफनते नाले ने बहाया बेली ब्रिज, एक व्यक्ति और वाहन के बहने की सूचना।
संवादसूत्र देहरादून/चमोली: चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण बेली ब्रिज बहने की घटना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से घटना की जानकारी लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रखने को कहा। उन्होंने आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने देने के निर्देश भी दिए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने नदी-नालों और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने और राहत-बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने पर जोर दिया।
एक व्यक्ति और वाहन के बहने की सूचना
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना मिली है।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मलारी की ओर आवाजाही पूरी तरह बंद
सुरक्षा के मद्देनजर ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।
सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की 24×7 निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और अचानक तेज जलप्रवाह की आशंका को देखते हुए निचले एवं नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।




