आपदा
मसूरी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त,मसूरी-दून मार्ग पर भूस्खलन,आवासीय भवनों व होटल-रेस्टोरेंट को खतरा।

संवादसूत्र देहरादून/मसूरी: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मसूरी में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मसूरी-दून मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिससे यातायात बाधित रहा और कई बार जाम की स्थिति बनी। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मसूरी-दून मार्ग के किलोमीटर 21, 23 और 24 पर पहाड़ से मलबा और बोल्डर आने से यातायात प्रभावित हुआ। लोक निर्माण विभाग ने मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनें मौके पर तैनात की हैं। विभागीय टीम लगातार मार्ग की निगरानी कर रही है, ताकि यातायात सुचारु रखा जा सके।
उधर, पानीवाला बैंड के समीप पहाड़ दरकने से आवासीय भवनों के साथ होटल और रेस्टोरेंट को भी खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले बनाया गया भारी-भरकम पुश्ता भी बारिश के कारण धंस गया है। क्षेत्र में खतरे को देखते हुए करीब 14 लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
पानीवाला बैंड निवासी दीपक रावत ने बताया कि उनके घर और रेस्टोरेंट के नीचे पहाड़ लगातार दरक रहा है। इससे चार परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। उनके परिवार के चार सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि बारिश जारी रही तो उन्हें भी घर और रेस्टोरेंट छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि नाले का जल्द उपचार नहीं किया गया तो आसपास के आबादी क्षेत्र और मसूरी-दून मार्ग को आने वाले दिनों में भारी नुकसान हो सकता है।
स्थानीय निवासी वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि नाले में तेज पानी आने से उनके घर को नुकसान पहुंचा है। शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि एक कमरे की दीवार में दरार आ गई है। भूस्खलन के कारण टीन शेड भी झुक गया है। उन्होंने बताया कि परिवार के सात सदस्य सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। उनके रिश्तेदारों के तीन सदस्यों को भी सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि बारिश और पानी का बहाव बढ़ने से क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और नाले का स्थायी उपचार कराने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप सिंह शाही ने बताया कि मसूरी-दून मार्ग पर तीन स्थानों पर मलबा आया है। मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। विभागीय टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है, ताकि मार्ग पर यातायात सुचारु रखा जा सके।




