उत्तराखण्ड
आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में 2,701 डिग्रियां प्रदान, 518 पीएचडी के साथ बना नया रिकॉर्ड।

संवादसूत्र देहरादून/रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह-2026 का रविवार को समापन हुआ। समारोह के दूसरे दिन स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल विद्यार्थियों को कुल 1,424 डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी/पीएचडी ड्यूल और तीन एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल हैं। संस्थान के इतिहास में पहली बार एक ही दीक्षांत समारोह में 518 पीएचडी डिग्रियां प्रदान की गईं, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है।
समारोह में हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षवर्धन छिताले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ऑयलमैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक तथा एशियन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग सम्मानित अतिथि रहे।
दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और अकादमिक उपलब्धियों पर विशेष जोर रहा। 518 पीएचडी डिग्रियों का प्रदान किया जाना संस्थान में उन्नत शोध और ज्ञान सृजन की दिशा में बढ़ते प्रयासों को दर्शाता है। इनमें 346 पुरुष और 172 महिला शोधार्थी शामिल हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत संस्थान ने पहली बार डॉक्टोरल कार्यक्रम से बाहर होने वाले विद्यार्थियों को एमएस बाय रिसर्च की डिग्री भी प्रदान की। स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वालों में एम.आर्क., एम.टेक., एम.एससी., एमयूआरपी., एमबीए, पीजी डिप्लोमा, ई-एमबीए और एम.डिजाइन कार्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल रहे।
समारोह के दूसरे दिन स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल विद्यार्थियों को कुल 71 पुरस्कार और पदक प्रदान किए गए, जिनमें 33 पदक शामिल हैं। इनमें चार पुरस्कार और 19 पदक संस्थान द्वारा स्थापित किए गए, जबकि 34 पुरस्कार और 14 पदक दानदाताओं द्वारा प्रायोजित थे। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनके अकादमिक एवं शोध योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एडवोकेट हरीश साल्वे ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत शिक्षा, जिज्ञासा और शोध की भावना संस्थान के मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करने के साथ ज्ञान की खोज समाप्त नहीं होती, बल्कि नए सवालों और संभावनाओं के द्वार खुलते हैं।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने 518 पीएचडी डिग्रियों को संस्थान के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पहली बार एमएस बाय रिसर्च की डिग्री प्रदान करना भी संस्थान के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य अतिथि हर्षवर्धन छिताले ने कहा कि तकनीक और उद्योग तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे में लगातार सीखने, नवाचार करने तथा ज्ञान को उपयोगी समाधानों में बदलने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने आईआईटी रुड़की के विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सम्मानित अतिथि डॉ. कपिल गर्ग ने कहा कि उद्योग और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों के समाधान तैयार करने में उच्च शिक्षा और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, निरंतर प्रयास और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के दौरान आईआईटी रुड़की ने कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कीं। इनमें 1,277 स्नातक, 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी और तीन एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल हैं। समारोह में संस्थान के उप निदेशक प्रो. प्रवीण कुमार, डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एन.के. नवानी सहित संस्थान के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।




