उत्तराखण्ड
उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस निशान, अमित शाह ने किया अलंकृत; देश का 16वां राज्य बना उत्तराखंड।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रिजर्व पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति पुलिस निशान प्राप्त करने वाला उत्तराखंड देश का 16वां राज्य बन गया है।
पुलिस बल की 25 वर्षों की सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान में यह प्रतिष्ठित निशान प्रदान किया गया। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने पुलिस परेड का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उत्तराखंड पुलिस के विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का विमोचन किया गया।
समारोह में विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। वहीं, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक अभिसूचना सौहकार पुंडीर को पदक प्रदान किए गए।
उत्तराखंड पुलिस की सेवा और समर्पण को मिली राष्ट्रीय पहचान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उत्तराखंड पुलिस ने अपने सेवा भाव, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से विशिष्ट पहचान बनाई है। चारधाम यात्रा, कुंभ जैसे बड़े आयोजनों, पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस पूरी निष्ठा से निभा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल व्यवस्था के इस्तेमाल से जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, न्यायालय और अभियोजन व्यवस्था को डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर काम किया जा रहा है।
अमित शाह ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय करीब 13 हजार जवानों से शुरू हुई उत्तराखंड पुलिस की यात्रा आज 26 हजार से अधिक जवानों तक पहुंच चुकी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच पुलिस ने साहस एवं समर्पण का परिचय दिया है।
उन्होंने नशे और साइबर अपराधों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए नशामुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों द्वारा 37 पदक जीतने पर भी बधाई दी।
राष्ट्रपति पुलिस निशान गौरवशाली इतिहास का नया अध्याय : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान उत्तराखंड पुलिस के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड पुलिस में लगभग 13 हजार जवान, 96 थाने और 42 चौकियां थीं। आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा और सेवा में तैनात हैं। देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक स्वर्गीय कंचन चौधरी भट्टाचार्य ने उत्तराखंड पुलिस का नेतृत्व किया था। वर्तमान में पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में पुलिस ने सात हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। ऑपरेशन स्माइल के माध्यम से गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने और ऑपरेशन मुक्ति के तहत भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में काम किया जा रहा है। नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति जिम्मेदारियों को और बढ़ाने वाला गौरवपूर्ण सम्मान है। आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों के माध्यम से पुलिस बल को और सक्षम बनाया जा रहा है।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, तीरथ सिंह रावत और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



