उत्तराखण्ड
ग्रीन इंडिया मिशन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर,आजीविका संवर्धन पर रहेगा जोर।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में ग्रीन इंडिया मिशन के तहत स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने अधिकारियों को वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना में आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में राज्य वन विकास अभिकरण की सातवीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीन इंडिया मिशन (जीआईएम) की अगले पांच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना की समीक्षा की गई और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए ग्रीन इंडिया मिशन के तहत आजीविका से संबंधित गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने वन पंचायतों में सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े विषयों पर शीघ्र बैठक आयोजित करने को भी कहा।
बैठक में बताया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण के अंतर्गत वर्तमान में ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना का संचालन किया जा रहा है। अभिकरण का वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। मिशन के तहत तीन सब-मिशन में कार्य किए जाने हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन के लिए 559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है।
बैठक में पिछली कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ग्रीन इंडिया मिशन और अन्य योजनाओं के तहत सफल पौधरोपण को लेकर नोडल अधिकारी की ओर से दिए गए सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को भेजे जा चुके हैं।
इसके अलावा, नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल 31.45 करोड़ रुपये की वार्षिक परिचालन योजना भारत सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत होने और जारी किए जाने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, पीसीसीएफ (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव नवनीत पांडेय, विक्रम सिंह यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



