उत्तराखण्ड
त्योहारी मिठाइयों पर खाद्य विभाग का शिकंजा, 83 की जांच में 15 खाद्य पदार्थ फेल।

संवादसूत्र देहरादून: त्योहारों के सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। रविवार को रायपुर चौक और महाराणा प्रताप चौक समेत विभिन्न क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सचल विश्लेषणशाला के माध्यम से 83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई, जिनमें से 15 निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर चलाए गए अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न स्वीट्स शॉप और खाद्य प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखी। जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों के संबंध में कारोबारियों को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मावा और बर्फी के नमूने जांच को भेजे
निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर तीन प्रतिष्ठानों से विधिक नमूने भी एकत्र किए गए। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह के नेतृत्व में गोपाल स्वीट्स से मावा, न्यू लकी स्वीट्स से मावा बर्फी और कृष्णा स्वीट्स शॉप से प्लेन बर्फी का नमूना लिया गया। तीनों नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिठाई की ट्रे पर लिखनी होगी निर्माण और अवसान तिथि
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना ने बताया कि मिठाई विक्रेताओं को खुली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को मिठाइयों की ताजगी और उनके इस्तेमाल की अवधि की जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और गुणवत्ता में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभियान में उपायुक्त खाद्य सचल विश्लेषणशाला वीरेंद्र बिष्ट, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह, खाद्य विश्लेषक जितेंद्र भंडारी समेत विभागीय कर्मचारी शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान मिठाई की दुकानों और बेकरी प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए जांच और नमूना संग्रहण अभियान लगातार जारी रहेगा।



