उत्तराखण्ड
सड़क सुरक्षा को लेकर स्कूलों में चलेगा जनजागरूकता अभियान, 780 शिक्षक होंगे प्रशिक्षित।

संवादसूत्र देहरादून: राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा जनजागरूकता अभियान 2026-27’ शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सुरक्षित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करना है।
राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि अभियान के तहत विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों और सुरक्षित यातायात व्यवहार की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए ‘सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा’ नाम से शिक्षण सामग्री तैयार की गई है। इसमें यातायात संकेतों, हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित सड़क व्यवहार को गतिविधि आधारित तरीके से समझाया जाएगा।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 60 मुख्य प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) से 26 प्रवक्ता, 13 जिलों से 26 शिक्षक और एससीईआरटी के आठ संकाय सदस्य शामिल हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मुख्य प्रशिक्षक प्रदेश के सभी 13 जिलों में 780 शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
इसके बाद प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय समुदाय और अभिभावकों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाएंगे। अभियान के तहत विद्यालयों में सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, भाषण, निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित सड़क व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा।



