उत्तराखण्ड
स्वतंत्रता दिवस पर सीएम ने किया ध्वजारोहण, विकसित उत्तराखंड के लिए सात बड़ी घोषणाएं।

संवादसूत्र देहरादून, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार कनेक्टिविटी, पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। साथ ही 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने हालिया प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के पार पहुंचने तथा कांवड़ मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम, 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड, हाउस ऑफ हिमालयाज, होमस्टे और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर जोर है।
मुख्यमंत्री की सात बड़ी घोषणाएं
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- प्रदेश में पहले युवा आयोग की स्थापना की जाएगी।
- सीमावर्ती गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार व उद्यम के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
- 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू होगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
- बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान और आधुनिकता के साथ संस्कृति व पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रदेश को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से इस दिशा में कार्य करती रहेगी।




