उत्तराखण्ड
627 से घटकर 303 हुई लंबित सीएम घोषणाएं, मुख्य सचिव ने दिए तेजी के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के साथ ही जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उनमें समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4,611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2,852 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 1,759 घोषणाएं लंबित हैं। इनमें 1,397 घोषणाओं पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही चल रही है, जबकि 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। वर्तमान में 303 घोषणाएं लंबित हैं। वहीं 447 घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जा चुका है। मुख्य सचिव की 11 अगस्त 2026 को हुई पिछली समीक्षा के दौरान 627 घोषणाएं लंबित थीं, जिनकी संख्या अब घटकर 303 रह गई है।
मुख्य सचिव ने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण घोषणाएं लंबित नहीं रहनी चाहिए। भूमि हस्तांतरण समेत अन्य प्रक्रियाओं के लिए विभाग आपसी संवाद और समन्वय बढ़ाएं। जहां संभव हो, कार्यों को समानांतर रूप से शुरू किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाएं निर्धारित अवधि में पूरी हो सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करने तथा जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 15 दिनों में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने को कहा। साथ ही ट्रेक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए।
विभिन्न स्थानों पर ईको पार्क आदि की घोषणाओं के संबंध में मुख्य सचिव ने परिसंपत्ति निर्माण के साथ ही उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पहले से निर्धारित करने को कहा। उन्होंने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने और मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास और सौंदर्यीकरण के कार्यों को आपसी समन्वय से एकीकृत रूप में करने पर जोर दिया। फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने अनुपयुक्त सरकारी भूमि के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर निर्माण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने को कहा। सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय समेत संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




