उत्तराखण्ड
उत्तराखंड डेटा सेंटर पर फिर साइबर खतरा, ‘बहरूपिया वायरस’ की दस्तक से बढ़ी चिंता।

संवादसूत्र देहरादून। उत्तराखंड के डेटा सेंटर पर एक बार फिर साइबर हमले का खतरा मंडराने लगा है। इस बार डेटा सेंटर में कथित तौर पर एक ‘बहरूपिया वायरस’ की मौजूदगी का पता चला है। शुरुआती आशंका है कि इसके पीछे चीन का एक सक्रिय हैकर समूह हो सकता है, जिसे ऐसे मैलवेयर के जरिए संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाने में विशेषज्ञ माना जाता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में डेटा सेंटर पर माकोप रैनसमवेयर का हमला हुआ था, जिसमें सिस्टम का डेटा लॉक कर फिरौती की मांग की गई थी। उस घटना से उबरने के बाद अब नए वायरस ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि यह वायरस सिस्टम में प्रवेश करने के बाद अपना स्वरूप बदल लेता है और सामान्य सिस्टम फाइल जैसा दिखाई देता है। जैसे ही उपयोगकर्ता उस फाइल को खोलता है, वायरस सक्रिय होकर अपना काम शुरू कर देता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार का मैलवेयर संवेदनशील डेटा की चोरी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खाद्य आपूर्ति विभाग, जीएसटी और पर्यटन विभाग से जुड़ी वेबसाइटें इसकी जद में आई हैं। इन विभागों में राशन कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), कर संबंधी जानकारी और पर्यटकों के पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध रहते हैं। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि हैकर्स ने संवेदनशील जानकारी की कॉपी करने का प्रयास किया हो सकता है।
हालांकि अभी तक हैकर्स की ओर से किसी प्रकार की फिरौती या अन्य मांग सामने नहीं आई है। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) के अधिकारी मामले में आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




