Connect with us

उत्तराखंड का भूस्खलन प्रबंधन मॉडल दूसरे राज्यों में भी बना पहचान, ULMCC को पहली बार मिली राजस्व प्राप्ति।

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड का भूस्खलन प्रबंधन मॉडल दूसरे राज्यों में भी बना पहचान, ULMCC को पहली बार मिली राजस्व प्राप्ति।

संवादसूत्र देहरादून, 19 अगस्त 2026। उत्तराखंड में भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित तकनीकी विशेषज्ञता अब दूसरे राज्यों में भी उपयोगी साबित हो रही है। उत्तराखंड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केन्द्र (ULMMC) को उत्तर प्रदेश की एक जलविद्युत परियोजना के लिए डीपीआर और तकनीकी परामर्श सेवाएं देने के एवज में 4.21 लाख रुपये की पहली राजस्व प्राप्ति हुई है।

यह केंद्र की स्थापना के बाद तकनीकी सेवाओं के माध्यम से अर्जित पहली राजस्व राशि है। इसे केंद्र की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

खारा परियोजना के लिए तैयार की डीपीआर

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बादशाही बाग क्षेत्र स्थित खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के भवन परिसर के समीप भूस्खलन की सक्रियता बढ़ने से परियोजना की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था।

समस्या के तकनीकी समाधान और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड ने ULMMC से संपर्क किया। केंद्र को भूस्खलन रोकथाम कार्यों की डीपीआर तैयार करने के साथ निर्माण कार्य के तकनीकी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई।

ULMMC की तकनीकी टीम ने जनवरी 2025 में परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। भौगोलिक और तकनीकी परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद आवश्यक जांच एवं विश्लेषण के आधार पर डीपीआर तैयार की गई। केंद्र की तकनीकी संस्तुतियों के आधार पर भूस्खलन रोकथाम का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है।

19 अगस्त को सौंपा गया चेक

बुधवार को इस उपलब्धि को एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मिला। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की ओर से डीपीआर और तकनीकी सेवाओं के लिए 4 लाख 21 हजार रुपये का चेक सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास तथा महानिदेशक, उत्तराखंड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केंद्र, देहरादून को सौंपा गया।

निदेशक डॉ. शांतनु सरकार के मार्गदर्शन में तकनीकी टीम ने डीपीआर तैयार करने से लेकर साइट सुपरविजन और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए। सहायक अभियंता कौस्तुभ बड़थ्वाल समेत तकनीकी दल का भी इसमें योगदान रहा।

आठ से अधिक महत्वपूर्ण डीपीआर तैयार

ULMMC वर्तमान में भूस्खलन जोखिम कम करने से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों में विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इनमें डीपीआर तैयार करना, परियोजना प्रबंधन परामर्श, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी निरीक्षण तथा भू-वैज्ञानिक, भू-भौतिकीय और भू-तकनीकी अध्ययन शामिल हैं।

केंद्र की ओर से सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न विभागों के लिए अब तक आठ से अधिक महत्वपूर्ण डीपीआर तैयार की जा चुकी हैं। विशेषज्ञ तकनीकी मानव संसाधन के साथ केंद्र में आधुनिक उपकरणों की सुविधा भी उपलब्ध है।

खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए तकनीकी सेवाओं के बदले मिली पहली राजस्व प्राप्ति को राज्य के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उत्तराखंड में भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में विकसित विशेषज्ञता की उपयोगिता अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी स्थापित हो रही है।

Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page

About Us

उत्तराखण्ड की ताज़ा खबरों से अवगत होने हेतु संवाद सूत्र से जुड़ें तथा अपने काव्य व लेखन आदि हमें भेजने के लिए दिये गए ईमेल पर संपर्क करें!

Email: [email protected]

AUTHOR DETAILS –

Name: Deepshikha Gusain
Address: 4 Canal Road, Kaulagarh, Dehradun, Uttarakhand, India, 248001
Phone: +91 94103 17522
Email: [email protected]