उत्तराखण्ड
स्कूलों की सफाई से लेकर अस्पताल संचालन तक, मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित प्रस्तावों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को सचिवालय में जनपदों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी आवश्यकता, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन किया जाए। शासन को प्रस्ताव भेजने से पहले उनका लागत-लाभ विश्लेषण (कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस) अनिवार्य रूप से किया जाए।
मुख्य सचिव ने कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए इन्हें अच्छे कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समूहों को कोल्ड स्टोरेज संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही प्रदेश में वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
उन्होंने प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों (शैडो एरिया) का शीघ्र सर्वेक्षण और चिन्हीकरण करने को कहा। सभी जिलाधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क विहीन हिस्सों की पहचान की जाएगी। इसके लिए यह स्पष्ट करना होगा कि किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दूरसंचार विभाग से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त करने को कहा गया है, ताकि नेटवर्क कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए कार्ययोजना बनाई जा सके।
मुख्य सचिव ने देहरादून जनपद के त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकों, अन्य आवश्यक मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों और बुनियादी सुविधाओं की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि स्थानीय लोगों को क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने स्कूलों के शौचालयों और परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा प्रधानाचार्यों को दिए जाने वाले अनटाइड फंड में जरूरत के अनुसार वृद्धि की संभावनाओं पर विचार करने को कहा। उन्होंने विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, अमित कुमार सिन्हा, सहदेव सिंह, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, बीवीआरसी पुरुषोत्तम, पंकज कुमार पांडेय, रंजीत कुमार सिन्हा, बृजेश कुमार संत, आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पांडेय, एसएन पांडेय, विनोद कुमार सुमन, दीपक कुमार, श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, अहमद इकबाल, रंजना राजगुरु, राजेंद्र कुमार सहित गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप, कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत और विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।



