उत्तराखण्ड
चारों सिद्धों के दर्शन को पहुंचे हरीश रावत, बोले- आस्था के तहत कर रहा हूं पूजा-अर्चना।

संवादसूत्र देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को उत्तराखंड के चारों सिद्धों के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि चारों सिद्धों को प्रदेश का रक्षक माना जाता है और उनके प्रति उनकी आस्था है। रावत ने कहा कि वह इसी आस्था के तहत सिद्धों के दर्शन कर उन्हें नमन करेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे। उन्होंने खुद को सनातन धर्मी बताते हुए कहा कि पूजा-अर्चना करना उनकी आस्था का हिस्सा है।
इससे पहले हरीश रावत ने हरिद्वार में गंगा का दुग्धाभिषेक कर मां गंगा से आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। दिल्ली से नारसन होते हुए देहरादून पहुंचने के दौरान उन्होंने हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी बड़ी ताकत हैं।
सीबीआई-ईडी की कार्रवाई पर सरकार को घेरा
अपने पूर्व ओएसडी पर लगे आरोपों और ईडी की कार्रवाई को लेकर रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले सीबीआई और ईडी का खेल शुरू हो जाता है और कुछ समय बाद समझ में आता है कि इसके पीछे क्या हो रहा था। यह बयान उनके पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर ईडी की कार्रवाई के बाद सामने आया है।
कांग्रेस में इस्तीफे से जुड़े सवाल पर रावत ने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और वह जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह पार्टी के एक सिपाही हैं। इससे पहले भी रावत ने पार्टी के कुछ पदों से इस्तीफे की पेशकश को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया था और कहा था कि कांग्रेस पार्टी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
रावत ने इस दौरान मीठीबेरी में पुल निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुल का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है और सरकार को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।




