उत्तराखण्ड
पीएमजीएसवाई ने पहाड़ों की जिंदगी को दी नई रफ्तार, 21,915 किमी सड़कों का बिछा नेटवर्क।

संवादसूत्र देहरादून: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को नई गति दी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरे गांवों तक सड़क पहुंचने से स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान हुई है। योजना अब अपने चौथे चरण में प्रवेश कर चुकी है। इसके तीन चरणों में 11,595 करोड़ रुपये की लागत से 21,915 किमी लंबाई की 2,826 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन सड़कों से 1,860 गांव लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राज्य के दूरस्थ और दुर्गम गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर है। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं के विस्तार के लिए पीएमजीएसवाई के माध्यम से अधिक से अधिक गांवों को लाभ पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष लगातार प्रस्ताव रखे गए हैं।
चौथे चरण में 1,490 गांवों तक पहुंचेगी सड़क
पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम चरण में प्रदेश के 309 गांवों को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस चरण में 1,707 करोड़ रुपये की लागत से 1,228.20 किमी लंबाई की 184 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
पीएमजीएसवाई-4 के तहत उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में कुल 1,479 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इनकी कुल लंबाई 9,344 किमी होगी और इससे 1,490 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।
पौड़ी के सर्वाधिक 68 गांव होंगे लाभान्वित
चौथे चरण के प्रथम चक्र में पौड़ी गढ़वाल के सर्वाधिक 68 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। अल्मोड़ा और टिहरी के 47-47, बागेश्वर के 35, पिथौरागढ़ के 25, नैनीताल और उत्तरकाशी के 24-24, चमोली के 17, देहरादून और रुद्रप्रयाग के 10-10 तथा हरिद्वार के दो गांव सड़क सुविधा से लाभान्वित होंगे।
जिलेवार प्रस्ताव के अनुसार पिथौरागढ़ में 249 गांवों के लिए 1,819.6 किमी, अल्मोड़ा में 221 गांवों के लिए 1,395.5 किमी, पौड़ी में 185 गांवों के लिए 1,227.8 किमी और चमोली में 175 गांवों के लिए 996.15 किमी सड़क निर्माण प्रस्तावित है। टिहरी में 168 गांवों के लिए 941.5 किमी, उत्तरकाशी में 112 गांवों के लिए 721.99 किमी, रुद्रप्रयाग में 111 गांवों के लिए 469.2 किमी तथा बागेश्वर में 101 गांवों के लिए 569.82 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा।
इसी तरह नैनीताल में 67 गांवों के लिए 399.55 किमी, देहरादून में 52 गांवों के लिए 390 किमी, चंपावत में 39 गांवों के लिए 387.3 किमी, ऊधमसिंह नगर में नौ गांवों के लिए 22.3 किमी और हरिद्वार में एक गांव के लिए 3.1 किमी सड़क प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरदराज के सभी गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएमजीएसवाई सड़कों से दूरस्थ क्षेत्रों की आवाजाही आसान होने के साथ पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। सड़क सुविधा से विद्यार्थियों के लिए आवागमन आसान हुआ है, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल रही है और किसान अपनी उपज को मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं।




