उत्तराखण्ड
प्रदेश के अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा 7 हजार रुपये तक बोनस, शासनादेश जारी।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तदर्थ बोनस देने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा सात हजार रुपये निर्धारित की गई है। वित्त विभाग ने दो नवंबर को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया।
बोनस का लाभ राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी मिलेगा।
वित्त सचिव डा. वी. षणमुगम की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार समूह ग और घ के कर्मचारियों के अलावा समूह ख के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को भी बोनस मिलेगा, जिनका ग्रेड वेतन 4800 रुपये (संशोधित वेतनमान में लेवल-8) तक है। हालांकि, उत्पादकता आधारित बोनस योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
बोनस पाने के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना और उस तिथि तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी करना अनिवार्य है। छह माह से अधिक लेकिन एक वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारियों को आनुपातिक आधार पर बोनस दिया जाएगा।
आकस्मिक और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत बोनस मिलेगा। छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में 206 दिन काम करना अनिवार्य होगा। इनके बोनस की गणना 1200 रुपये की मासिक परिलब्धि के आधार पर की जाएगी।
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस कार्यवाही का परिणाम आने तक रोक दिया जाएगा। दोषमुक्त होने पर ही भुगतान किया जाएगा। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित और निलंबित रहे कर्मचारी बोनस के पात्र नहीं होंगे। हालांकि, निलंबन अवधि के लिए परिलब्धियों सहित बहाली होने पर कर्मचारी को बोनस का लाभ मिल सकेगा।
बोनस का भुगतान नकद किया जाएगा और इसका खर्च संबंधित विभाग के वेतन मद से वहन होगा। लाभ की स्थिति में चल रहे स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार बोनस दिया जा सकेगा। हालांकि, इसका खर्च संबंधित निकाय या प्राधिकरण को अपने संसाधनों से उठाना होगा। इसके लिए शासन की ओर से कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा।



