उत्तराखण्ड
ग्रामीणों की शिकायतों पर अब 15 दिन में होगा फैसला, केंद्र ने अधिसूचित किए नए नियम।

संवादसूत्र देहरादून: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इसके तहत शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनकी जांच और समाधान तक के लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
नए नियमों के अनुसार राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना होगा। प्रत्येक स्तर पर नामित अधिकारी शिकायतों को प्राप्त करने, उनका पंजीकरण करने, जांच करने और निस्तारण के लिए जिम्मेदार होंगे। जिला कार्यक्रम समन्वयक जिला स्तर पर इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
शिकायत दर्ज कराने के लिए कई विकल्प
नागरिक अपनी शिकायत नामित अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट, निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म, टेलीफोन या हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी को पंजीकरण संख्या, प्राप्ति की तारीख और अधिकारी के पदनाम के साथ पावती देनी होगी। किसी शिकायत को उसकी भाषा, प्रारूप या प्रक्रियागत कमी के आधार पर दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।
15 दिन में निस्तारण करना अनिवार्य
नियमों के तहत शिकायत मिलने के सात कार्य दिवसों के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि शिकायत का अंतिम निस्तारण 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान अधिकारी संबंधित विभागों से दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा।
अनसुलझी शिकायतें उच्च स्तर पर भेजी जाएंगी
निर्धारित 15 दिनों में जिन शिकायतों का समाधान नहीं हो सकेगा, उन्हें अगले उच्च स्तर के अधिकारी के पास भेजा जाएगा। ऐसी शिकायतों के निस्तारण तक उनकी डिजिटल माध्यम से निगरानी जारी रहेगी। इसके साथ ही जांच के निष्कर्ष और की गई कार्रवाई का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा तथा शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी देनी होगी।
नियमों में शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत पारित आदेशों के विरुद्ध अपील का प्रावधान भी किया गया है। इसके लिए वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-1 के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इन नियमों के माध्यम से ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।



