उत्तराखण्ड
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से बढ़ेगी महिला समूहों के उत्पादों की पहचान, सहस्रधारा में बनेगा बड़ा सेंटर।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही उनके कौशल और उद्यमिता विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने महिलाओं से सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर अपने अनुभव साझा किए और सुझाव भी दिए।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कौशल और उद्यमिता विकास से लेकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं और महिला उद्यमियों को आसान ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की महिलाएं लगातार सशक्त हो रही हैं। उत्तराखंड की महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित नीतियों का विशेष लाभ मिला है।
महिला समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के माध्यम से इस दिशा में कार्य कर रही है। उत्तराखंड की महिलाओं के विशिष्ट उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए नई पहचान दी गई है।
उन्होंने बताया कि देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा सेंटर विकसित किया जा रहा है, जहां सभी 13 जिलों की महिलाओं द्वारा तैयार विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों से प्रदेश की महिलाएं सिलाई-बुनाई से लेकर कारखाना संचालन तक के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउस के माध्यम से महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न मेलों और आयोजनों के साथ एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर भी इन उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था की जा रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के आधार पर उत्पादों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा और ग्राहक स्वयं उन्हें खरीदने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को वर्षभर संचालित किए जाने पर विचार करने की बात भी कही।
संवाद में भावुक हुआ माहौल
संवाद के दौरान एक महिला लाभार्थी ने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया कि एक समय उनका घर तक बिक गया था और बच्चों के लिए भोजन जुटाना भी मुश्किल हो गया था। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने दोबारा अपने परिवार को संभाला। उन्होंने समूहों के लिए बिना गारंटी ऋण को किसी वरदान से कम नहीं बताया।
इसके बाद महिला लाभार्थी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित गीत स्वत:स्फूर्त रूप से प्रस्तुत किया। ‘हमें तो मोदी ने बहुत कुछ दिया है, बहुत शुक्रिया है’ गीत के माध्यम से उन्होंने बिना ब्याज ऋण, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया और महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक दलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, नेहा शर्मा, किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।




